चंदौली में गांव-गांव पहुंची पुलिस, फर्जी अस्पताल और खतरनाक नावों को लेकर किया जागरूक
चंदौली के चकिया क्षेत्र में पुलिस ने ग्रामीणों को फर्जी अस्पतालों और असुरक्षित नाव यात्रा के खतरों को लेकर जागरूक किया। थाना अध्यक्ष ने लोगों से अपील की कि केवल मान्यता प्राप्त अस्पतालों और सुरक्षित नावों का ही उपयोग करें, ताकि हादसों और जानमाल के नुकसान से बचा जा सके।
चंदौली: चकिया क्षेत्र में पुलिस ने ग्रामीणों को सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जागरूक करने के लिए अभियान चलाया। मुसाखांड गांव में थाना अध्यक्ष अर्जुन सिंह ने लोगों को फर्जी अस्पतालों और असुरक्षित नाव यात्रा से होने वाले खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर बिना किसी मान्यता या डिग्री के लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं। ऐसे लोग कमीशन के लालच में मरीजों को अपने जाल में फंसाते हैं, जिससे गंभीर हालात पैदा हो जाते हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं के मामलों में लापरवाही के कारण जच्चा और बच्चा दोनों की जान खतरे में पड़ जाती है।
पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि इलाज के लिए केवल मान्यता प्राप्त अस्पतालों का ही चयन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे अवैध कार्यों पर रोक लगाई जा सके।
नाव यात्रा को लेकर भी सख्त चेतावनी
जागरूकता अभियान के दौरान थाना अध्यक्ष ने नदी पार करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जर्जर या टूटी-फूटी नावों का इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है और इससे बड़े हादसे हो सकते हैं।
ग्रामीणों को सलाह दी गई कि वे केवल सुरक्षित और प्रमाणित नावों का ही उपयोग करें और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें। पुलिस का कहना है कि छोटी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
सुरक्षा ही सबसे बड़ा उपाय
पुलिस ने लोगों को समझाया कि सतर्कता और सही निर्णय ही जीवन की सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार है। समय रहते सावधानी बरतकर कई बड़ी घटनाओं को टाला जा सकता है।