चाइनीज मांझे पर पुलिस की बड़ी चेतावनी: पतंग उड़ाने वाला भी बन सकता है हत्या का आरोपी, बच्चों पर रखें नजर!
वाराणसी। कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से साड़ी कारोबारी की मौत के बाद वाराणसी पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि अब प्रतिबंधित मांझा बेचने वालों के साथ इसे खरीदकर पतंग उड़ाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि प्रतिबंधित मांझे के इस्तेमाल से किसी की जान जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पतंगबाजी पर निगरानी रखने की अपील की है।
रविवार को कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर चाइनीज मांझे की चपेट में आने से 55 वर्षीय साड़ी कारोबारी सुनील कुमार गुजराती की गर्दन कट गई थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ जिलेभर में विशेष अभियान शुरू किया है। सोमवार तक आठ लोगों को गिरफ्तार करने के साथ भारी मात्रा में प्रतिबंधित मांझा बरामद किया गया है।
बच्चों की पतंगबाजी पर नजर रखें अभिभावक
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने अभिभावकों को आगाह करते हुए कहा कि बच्चों को प्रतिबंधित मांझे के खतरों के बारे में जागरूक करना जरूरी है। यदि किसी बच्चे द्वारा इस्तेमाल किए गए मांझे से गंभीर हादसा होता है तो उसे भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ दूसरों की जान बचाने के लिए अभिभावकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि केवल सूती धागे का इस्तेमाल ही अनुमत है। नायलॉन, सिंथेटिक या किसी भी प्रकार का धारदार मांझा प्रतिबंधित है, चाहे उसका निर्माण चीन में हुआ हो या भारत में। पुलिस आयुक्त के मुताबिक, मांझा देशी या विदेशी होने से अधिक महत्वपूर्ण उसका खतरनाक और धारदार होना है।
चार ड्रोन से छतों और घाटों पर निगरानी
प्रतिबंधित मांझे के इस्तेमाल को रोकने के लिए वाराणसी पुलिस ने चार ड्रोन तैनात किए हैं। इनसे छतों, गंगा घाटों, पुलों और खुले स्थानों पर पतंग उड़ाने वालों की निगरानी और वीडियोग्राफी की जा रही है। संदिग्ध गतिविधि मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी।
पुलिस आयुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री या इस्तेमाल की जानकारी मिलने पर हेल्पलाइन नंबर 9670705555 पर सूचना दें। सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
2025 में जब्त हुआ था 10 टन प्रतिबंधित मांझा
पुलिस आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2025 में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 75 दुकानदारों को गिरफ्तार किया गया था और करीब 10 टन प्रतिबंधित मांझा जब्त हुआ था। वहीं, वर्ष 2024 में मांझे से हुई एक मौत के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा गया था।
उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के अनुसार खतरनाक मांझे पर प्रतिबंध है। ऐसे में कोई दुकानदार इसे देश में निर्मित बताकर कार्रवाई से नहीं बच सकता।
फ्लाईओवर की रेलिंग छह फीट ऊंची करने का प्रस्ताव
मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शहर के पुलों और फ्लाईओवर की रेलिंग ऊंची करने की भी तैयारी है। पुलिस आयुक्त के मुताबिक, कई बार मांझा पुलों की रेलिंग के बीच फंस जाता है और उसकी चपेट में आने से दोपहिया वाहन सवार गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।
इस खतरे को कम करने के लिए जिलाधिकारी से चर्चा कर रेलिंग की ऊंचाई लगभग छह फीट करने का प्रस्ताव भेजा गया है। जिलाधिकारी ने भी इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मांझा बनाने वाली फैक्ट्रियां भी पुलिस के निशाने पर
पुलिस अब प्रतिबंधित मांझे की बिक्री के साथ उसके उत्पादन और आपूर्ति नेटवर्क पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि औरंगाबाद क्षेत्र में कई गोदाम हैं, जहां पूर्व में भी छापेमारी की जा चुकी है। इसके अलावा वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में चोरी-छिपे मांझे के उत्पादन की जानकारी सामने आई है।
सूरत और अहमदाबाद से भी मांझे की आपूर्ति होने की बात कही गई है। पुलिस अब निर्माण करने वाली इकाइयों और आपूर्ति करने वालों की पहचान कर कार्रवाई करेगी। बार-बार प्रतिबंधित मांझे के कारोबार में पकड़े जाने वालों के लाइसेंस निरस्त कराने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय भी किया जाएगा।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के साथ आम जनता का सहयोग भी जरूरी है। अभिभावकों, दुकानदारों और पतंग उड़ाने वालों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष व्यक्ति को अपनी जान न गंवानी पड़े।