UP चुनाव से पहले PDA पर सियासत तेज, कांग्रेस नेता की नई व्याख्या ने खींचा ध्यान
Lucknow/Varanasi : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के एक नेता ने PDA को लेकर नई राजनीतिक व्याख्या सामने रखी है। एआईसीसी रिसर्च विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक गौरव कपूर ने PDA में ‘P’ को पंडित, ‘D’ को दलित और ‘A’ को अल्पसंख्यक से जोड़ते हुए इसे INDIA गठबंधन और समाजवादी पार्टी के साथ व्यापक सामाजिक प्रतिनिधित्व के मंच के रूप में पेश किया।
हालांकि, समाजवादी पार्टी का प्रचलित PDA फॉर्मूला ‘पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक’ रहा है, जिसे पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भी अपने सामाजिक गठजोड़ के आधार के रूप में आगे बढ़ा रही है।
2027 के साथ 2029 पर भी नजर
गौरव कपूर ने कहा कि कांग्रेस इस सामाजिक समीकरण को INDIA गठबंधन की सहयोगी समाजवादी पार्टी के साथ जोड़कर देख रही है। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य अलग-अलग सामाजिक समूहों को एक व्यापक राजनीतिक मंच से जोड़ना है।
उन्होंने इसे केवल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव तक सीमित न बताते हुए 2029 के लोकसभा चुनाव तक की राजनीतिक रणनीति से भी जोड़ा। हालांकि, सीट बंटवारे या गठबंधन की विस्तृत चुनावी रूपरेखा उन्होंने स्पष्ट नहीं की।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी 2024 का लोकसभा चुनाव उत्तर प्रदेश में INDIA गठबंधन के तहत साथ लड़ चुकी हैं। 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भी दोनों दलों के बीच गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी है।
आराधना मिश्रा ‘मोना’ को मिली यूपी कांग्रेस की कमान
कपूर ने नवनियुक्त उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने की बात कही। कांग्रेस ने शुक्रवार को रामपुर खास से तीन बार की विधायक आराधना मिश्रा को अजय राय की जगह प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। सहारनपुर सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
इसके साथ ही देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी में यह संगठनात्मक बदलाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले किया गया है।
संविधान और संस्थाओं का मुद्दा भी जोड़ा
गौरव कपूर ने अपने बयान में संविधान और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस राजनीतिक मंच को सामाजिक प्रतिनिधित्व के साथ संविधान और संस्थाओं से जुड़े मुद्दों से भी जोड़कर आगे बढ़ाना चाहती है।
कांग्रेस के हालिया संगठनात्मक बदलाव और PDA को लेकर कपूर के बयान ऐसे समय सामने आए हैं, जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों अपने संगठन और सामाजिक आधार के विस्तार पर काम कर रही हैं।