संभव जनसुनवाई: नगर निगम मुख्यालय में फरियादियों ने रखीं समस्याएं, अपर नगर आयुक्त ने अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
वाराणसी। नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित संभव जनसुनवाई में शहर के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। इस दौरान कुल 17 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें स्ट्रीट लाइट, सड़क और गली निर्माण, सीवर, जल निकासी, अतिक्रमण और नामांतरण समेत कई विभागों से जुड़े मामले शामिल रहे।
जनसुनवाई में अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके जल्द समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी शिकायतों का तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से निस्तारण किया जाए।
किस इलाके से आईं कौन-कौन सी शिकायतें?
जनसुनवाई में सारनाथ के मनमोहन मुरारी सिंह ने क्षेत्र में खराब स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की शिकायत की। वहीं, शिवपुर के सुद्धीपुर निवासी जगदीश प्रसाद भारद्वाज ने इंटरलॉकिंग का काम कराने की मांग उठाई। कंदवा के रामेश्वर प्रसाद ने गली निर्माण और बजरडीहा के अहमद अब्दील व अब्दुल कलाम ने स्ट्रीट लाइट और गली निर्माण से जुड़ी समस्याएं रखीं।
इसके अलावा पियरी के प्रेम शंकर ने अपने वेतन से संबंधित शिकायत की, जबकि शिवपुर के राज बहादुर सिंह ने सीवर की समस्या को लेकर अधिकारियों से गुहार लगाई। दारानगर के सुरेश कुमार ने रेस्टोरेंट संचालन से संबंधित आवेदन दिया। वहीं, चंदुआ छित्तूपुर के रतन चंद वर्मा ने दाखिल-खारिज यानी नामांतरण का मामला उठाया।
सामने घाट के सुरेंद्र नाथ सिंह ने जल निकासी की समस्या बताई, जबकि सिगरा के माधोपुर निवासी आनंद कुमार ने तालाब के संरक्षण से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई। भेलूपुर के शाहिद अख्तर और सारनाथ के इमरान खान ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
आवास योजना से लेकर अवैध पशु बांधने तक की शिकायत
जनसुनवाई में अन्य समस्याएं भी सामने आईं। घनश्याम बहादुर सिंह ने घाट से संबंधित शिकायत रखी। पांडेयपुर की रेखा देवी ने गली में अवैध रूप से पशु बांधे जाने का मुद्दा उठाया और शिवपुर की रूबी प्रजापति ने आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। वहीं, दीवानी कचहरी के एसके पांडेय ने नामांतरण से जुड़ा प्रार्थना पत्र दिया।
अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि मौके पर समस्या का समाधान सुनिश्चित करते हुए किया जाए।