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Post Office Saving Scheme: वाराणसी में डाकघर की बचत योजनाओं पर बढ़ा भरोसा, एक साल में खुले 14,560 खाते ज्यादा

वाराणसी और भदोही के डाकघरों में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,14,975 बचत खाते खोले गए, जो पिछले साल से 14,560 अधिक हैं। TD और सुकन्या समृद्धि योजना में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज हुई। जानिए पोस्ट ऑफिस की RD, MIS, SCSS और PPF योजनाओं के खातों के आंकड़े और ब्याज दरें।

 

वाराणसी: सुरक्षित निवेश और आकर्षक ब्याज दर के चलते डाकघर की लघु बचत योजनाओं में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। वाराणसी पश्चिम मंडल डाकघर (कैंट) के अंतर्गत वाराणसी और भदोही के डाकघरों में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 1,14,975 खाते खोले गए। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह संख्या 1,00,415 थी। इस तरह एक साल में 14,560 अतिरिक्त खाते खुले हैं।

डाक विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सावधि जमा (टीडी) योजना में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अलावा आवर्ती जमा (आरडी), बचत खाते, मासिक आय योजना और सुकन्या समृद्धि योजना में भी खातों की संख्या बढ़ी है। हालांकि, सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) के खातों में गिरावट आई है।

पोस्ट ऑफिस TD स्कीम में सबसे ज्यादा बढ़े खाते

डाकघर की सावधि जमा (टाइम डिपॉजिट या TD) योजना लोगों के बीच अधिक लोकप्रिय रही। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इसके 25,587 खाते थे, जो 2025-26 में बढ़कर 33,174 हो गए। यानी एक साल में 7,587 खातों की बढ़ोतरी हुई। इस योजना पर 6.9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है।

RD और बचत खाते में भी बढ़ी दिलचस्पी

आवर्ती जमा (आरडी) योजना में भी लोगों का रुझान बढ़ा है। इसके खाते 46,271 से बढ़कर 49,122 हो गए। इस तरह एक साल में 2,851 खाते बढ़े। आरडी योजना पर 6.7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलता है।

वहीं, डाकघर के बचत खातों की संख्या 18,108 से बढ़कर 18,624 हो गई। इस योजना में खाताधारकों को चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है।

मासिक आय योजना में 7.4% ब्याज

डाकघर की मासिक आय योजना (MIS) में भी खातों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के 3,749 खाते थे, जो 2025-26 में बढ़कर 4,306 हो गए। यानी 557 नए खाते जुड़े। इस योजना पर 7.4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिल रहा है।

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के खाते भी बढ़े

वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) में खातों की संख्या 696 से बढ़कर 838 हो गई। एक साल में इसमें 142 खातों की बढ़ोतरी हुई। इस योजना में 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है।

सुकन्या समृद्धि योजना में खुले 3,055 अतिरिक्त खाते

बालिकाओं के भविष्य के लिए चलाई जा रही सुकन्या समृद्धि योजना में भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इसके 5,535 खाते थे, जो 2025-26 में बढ़कर 8,590 हो गए। इस तरह एक साल में 3,055 खाते बढ़े। योजना पर 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिल रहा है।

PPF योजना में घट गए खाते

जहां डाकघर की कई बचत योजनाओं में खातों की संख्या बढ़ी, वहीं सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) योजना में गिरावट दर्ज की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इसके 469 खाते थे, जो 2025-26 में घटकर 321 रह गए। इस तरह एक साल में 148 खाते कम हुए। पीपीएफ योजना पर 7.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है।

वाराणसी और भदोही के डाकघरों के आंकड़े बताते हैं कि बीते वित्तीय वर्ष में लघु बचत योजनाओं के कुल खातों में बढ़ोतरी हुई। सावधि जमा योजना में सबसे ज्यादा नए खाते जुड़े, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।