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काशी को ‘वर्ल्ड क्लास टूरिस्ट डेस्टिनेशन’ बनाने की तैयारी तेज, 55 हजार करोड़ के विकास कार्यों की समीक्षा

वाराणसी को वर्ल्ड क्लास टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने के लिए केंद्रीय पर्यटन सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हुई। काशी में 55 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। 2021 से 2025 के बीच 44 करोड़ पर्यटक वाराणसी पहुंचे, जिससे पर्यटन को नया आयाम मिला है।

 

वाराणसी : काशी को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक विश्वस्तरीय पर्यटन शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मंगलवार को कमिश्नरी सभागार में केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में काशी में बीते वर्षों में हुए बड़े विकास कार्यों की समीक्षा की गई और आने वाले समय में पर्यटन को और आधुनिक तथा आकर्षक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

12 वर्षों में 55 हजार करोड़ रुपये खर्च, अब बची प्राथमिकताओं पर फोकस

बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में वाराणसी के समग्र विकास पर 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जा चुकी है। अब सरकार का ध्यान उन परियोजनाओं पर केंद्रित है, जिनसे काशी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान मिल सके।

पर्यटन विभाग की ओर से पूरी हो चुकी परियोजनाओं और वर्तमान में चल रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार ने विभिन्न योजनाओं की स्थिति साझा की, जबकि मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने नए प्रस्तावित पर्यटन प्रोजेक्ट्स की रूपरेखा बैठक में रखी।

पर्यटकों को मिले ‘विश्वस्तरीय अनुभव’, अधिकारियों को निर्देश

केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वाराणसी आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों को ऐसा अनुभव मिलना चाहिए कि वे दोबारा काशी आने के लिए प्रेरित हों।

उन्होंने कहा कि पर्यटन से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और नए निवेश, रोजगार और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की संभावनाओं को तलाशें।

सिग्नेचर ब्रिज और नई पर्यटन परियोजनाओं पर चर्चा

बैठक में होटल एसोसिएशन, टूर ऑपरेटर्स और घाट एसोसिएशन जैसे स्थानीय हितधारकों से भी सुझाव लिए गए। होटल एसोसिएशन की ओर से प्रशासन के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने और गंगा के दूसरे छोर को जोड़ने के लिए एक ‘सिग्नेचर ब्रिज’ बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा शहर में आधुनिक पर्यटन सुविधाएं, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने पर भी चर्चा हुई।

श्री काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद बढ़ा पर्यटकों का सैलाब

पर्यटन विभाग के अनुसार श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनने के बाद वाराणसी में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021 से 2025 के बीच करीब 44 करोड़ पर्यटक काशी पहुंचे हैं, जो शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को वैश्विक स्तर पर मजबूत करता है।


बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, सीडीओ प्रखर सिंह, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल समेत पर्यटन, नगर विकास और प्रशासनिक विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के अंत में सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए।