वाराणसी में तैयार हुआ यूपी का पहला सोवा-रिग्पा हॅास्पिटल, 28 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
वाराणसी में उत्तर प्रदेश का पहला सोवा-रिग्पा अस्पताल बनकर तैयार हो गया है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अप्रैल को वर्चुअल माध्यम से करेंगे। पीएम अपने दो दिवसीय दौरे पर काशी आ रहे हैं, जिसको लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
अस्पताल के उद्घाटन से पहले परिसर में रंगाई-पुताई और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। यह अस्पताल खासतौर पर जड़ी-बूटियों से बनी औषधियों के जरिए असाध्य रोगों के इलाज के लिए जाना जाएगा।
रोजाना 250 मरीजों का इलाज
फिलहाल अस्पताल में प्रतिदिन 5 ओपीडी संचालित हो रही हैं, जिनमें जनरल मेडिसिन, स्त्री रोग, मनोचिकित्सा और बाल रोग विभाग शामिल हैं। यहां रोजाना करीब 250 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
45 बेड वाले इस अस्पताल में माइनर ऑपरेशन थिएटर की भी सुविधा है। मरीजों को सिर्फ 25 रुपये में पंजीकरण कराकर इलाज की सुविधा मिल रही है।
क्या है सोवा-रिग्पा चिकित्सा पद्धति?
सोवा-रिग्पा करीब 5 हजार वर्ष पुरानी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति है। ‘सोवा’ का अर्थ है शरीर को स्वस्थ करना और ‘रिग्पा’ का अर्थ है विज्ञान या ज्ञान। यानी यह एक समग्र स्वास्थ्य विज्ञान है, जिसमें जड़ी-बूटियों से दवाएं तैयार कर मरीजों का इलाज किया जाता है।
एक कमरे से शुरू होकर बना बड़ा संस्थान
सारनाथ में वर्ष 1993 में एक छोटे कमरे से इस चिकित्सा पद्धति की शुरुआत हुई थी। समय के साथ यह संस्थान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के रूप में विकसित हो गया।
वर्ष 2001 में इसे मान्यता मिली और 2010 में सरकार ने इसे एक स्वतंत्र चिकित्सा पद्धति के रूप में स्वीकार किया। 2020 में केंद्र सरकार ने अस्पताल निर्माण के लिए बजट जारी किया, हालांकि कोविड-19 के कारण इसके निर्माण में देरी हुई।
शिक्षा और शोध का भी केंद्र
यह संस्थान देश का पहला ऐसा केंद्र है, जहां से 2012 में सोवा-रिग्पा में एमडी की पहली बैच पास आउट हुई। यहां वर्तमान में छात्र पीएचडी भी कर रहे हैं।