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प्रो. टीके लाहिड़ी की सेहत में सुधार, 8 महीने में 5 किलो बढ़ा वजन; फेफड़े का 90% पानी निकाला गया

 

वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती पद्मश्री प्रो. टीके लाहिड़ी के स्वास्थ्य को लेकर मंगलवार को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सात सदस्यीय टीम ने विस्तृत जांच की। अलग-अलग चिकित्सा विभागों के विशेषज्ञों ने उनकी सेहत का आकलन किया। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल उनकी स्थिति संतोषजनक है और अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद से स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है।

प्रो. टीके लाहिड़ी की उम्र और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को देखते हुए अस्पताल प्रशासन उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मंगलवार को हुई जांच में जीरियाट्रिक, क्रिटिकल केयर, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, साइकेट्री, चेस्ट एंड टीबी और जनरल मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ शामिल रहे।

आठ महीने में पांच किलो बढ़ा वजन

डॉक्टरों के अनुसार प्रो. लाहिड़ी के स्वास्थ्य में सुधार का एक अहम संकेत उनके वजन में हुई बढ़ोतरी है। करीब आठ महीने पहले जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब उनका वजन लगभग 47 किलो था। अब यह बढ़कर करीब 52 किलो हो गया है।

चिकित्सकों का मानना है कि वजन में यह बढ़ोतरी उनके पोषण और सामान्य स्वास्थ्य में सुधार का संकेत है। उनकी उम्र और मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टर उनके खान-पान, दवाओं और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

फेफड़े में जमा 90 फीसदी पानी निकाला गया

प्रो. लाहिड़ी के फेफड़े में जनवरी में पानी जमा हो गया था। इसके बाद उन्हें सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक इलाज के दौरान फेफड़े में जमा करीब 90 फीसदी पानी निकाला जा चुका है।

चिकित्सकीय टीम उनके सांस लेने की स्थिति, ऑक्सीजन स्तर और अन्य जरूरी स्वास्थ्य मानकों पर लगातार नजर रख रही है। उन्हें टीबी की दवाएं भी नियमित रूप से दी जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी वर्तमान स्थिति और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपचार जारी रखा जा रहा है।

सात विभागों के विशेषज्ञ कर रहे निगरानी

प्रो. लाहिड़ी की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखने के लिए अस्पताल में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों को जिम्मेदारी दी गई है। मंगलवार को विशेषज्ञ टीम ने उनकी सेहत से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की।

इस दौरान हृदय, फेफड़े, तंत्रिका तंत्र, मानसिक स्वास्थ्य, गंभीर रोगों की देखभाल, वृद्धावस्था से जुड़ी समस्याओं और सामान्य चिकित्सा से संबंधित पहलुओं का आकलन किया गया।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ उनका उपचार कर रहे हैं। इसका उद्देश्य उनकी सेहत में होने वाले किसी भी बदलाव का समय रहते पता लगाकर जरूरी चिकित्सकीय कदम उठाना है।

जांच के लिए मंगलवार को नहीं पहुंची तीन सदस्यीय कमेटी

वहीं, प्रो. लाहिड़ी से जुड़े मामले की जांच के लिए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय कमेटी मंगलवार को अस्पताल नहीं पहुंची। दूसरी ओर, बीएचयू की आंतरिक कमेटी के डॉक्टर अपनी-अपनी रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हैं।

इस कमेटी को मामले की फैक्ट फाइंडिंग भी करनी है। उपलब्ध तथ्यों, प्रो. लाहिड़ी की चिकित्सकीय स्थिति और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की समीक्षा के बाद रिपोर्ट तैयार की जा रही है।