युवती से दुष्कर्म मामले में फरार आरोपियों की संपत्ति होगी कुर्क, ब्लैकमेल और उत्पीड़न का भी आरोप
वाराणसी: दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अदालत ने फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उनकी संपत्ति कुर्क करने के निर्देश दिए हैं। लगातार गैरहाजिर रहने और कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिशों के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
धारा 83 के तहत कार्रवाई, पहले भी जारी हो चुकी थी उद्घोषणा
सिविल जज (जूनियर डिविजन) की अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 83 के तहत यह आदेश पारित किया है। इससे पहले आरोपियों के खिलाफ धारा 82 के तहत उद्घोषणा भी जारी की जा चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद वे अदालत में पेश नहीं हुए। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए अब कुर्की की कार्रवाई का आदेश दिया है।
कोरोना काल के दौरान शुरू हुआ मामला
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता के पिता की मृत्यु के बाद उसका संपर्क एक परिवार से हुआ, जहां उसे रहने के लिए रखा गया। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर उसका शोषण किया। पीड़िता का आरोप है कि पहले एक आरोपी ने दुष्कर्म किया और विरोध करने पर उसे ब्लैकमेल किया गया।
ब्लैकमेल और लगातार उत्पीड़न का आरोप
पीड़िता ने बताया कि उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें लेने की धमकी देकर बार-बार उसका शोषण किया गया। इसके बाद दूसरे आरोपी द्वारा भी गलत हरकत करने और धमकाने के आरोप लगाए गए हैं। विरोध करने पर उसे झूठे केस में फंसाने की बात कही गई।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
पीड़िता ने कई जगह शिकायत करने के बाद जब कार्रवाई नहीं हुई, तो अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद ही मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन पीड़िता ने इसके खिलाफ प्रोटेस्ट याचिका दाखिल की।
प्रोटेस्ट याचिका के बाद बदला मामला
अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए आरोपियों को तलब किया। जमानत याचिका खारिज होने और बार-बार गैरहाजिर रहने के चलते अब उनके खिलाफ संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को तय की गई है। इस दौरान कुर्की की कार्रवाई की प्रगति और अन्य कानूनी पहलुओं पर सुनवाई होगी।