‘भगवान राम’ टिप्पणी पर घिरे राहुल गांधी: वाराणसी MP/MLA कोर्ट ने किया तलब, आज होगी सुनवाई
Apr 13, 2026, 09:31 IST
वाराणसी: कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi के खिलाफ दायर याचिका पर आज वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई होनी है। विशेष न्यायाधीश यजुर्वेद विक्रम सिंह ने राहुल गांधी को 13 अप्रैल को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब किया है। इसके लिए उन्हें समन भी जारी किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिका के Brown University में एक कार्यक्रम के दौरान भगवान राम को ‘पौराणिक’ बताते हुए उनसे जुड़ी कथाओं को काल्पनिक कहा था। इस बयान को लेकर वकील हरिशंकर पांडेय ने अदालत में आपत्ति दर्ज कराते हुए याचिका दाखिल की है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी के इस बयान से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और उन्होंने सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान किया है।
याचिका और कानूनी प्रक्रिया
यह मामला पहले भी अदालत में पहुंच चुका है। 12 मई 2025 को दाखिल मूल याचिका को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद 26 सितंबर को जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई, जिस पर अब सुनवाई चल रही है।
आज की सुनवाई में पहले याचिका की मेंटेनिबिलिटी (वैधता) पर बहस होगी। इसके बाद अदालत तय करेगी कि राहुल गांधी के खिलाफ केस चलाया जाए या नहीं।
गैरहाजिरी पर कार्रवाई के संकेत
पिछली तारीख पर राहुल गांधी अदालत में पेश नहीं हुए थे, जिससे सुनवाई टल गई थी। अब कोर्ट ने संकेत दिया है कि यदि इस बार भी वे उपस्थित नहीं होते हैं, तो आगे संवैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
राहुल गांधी का पक्ष
अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा था कि भारत के महान विचारक—बुद्ध, गुरु नानक, गांधी और अंबेडकर—सहिष्णुता और करुणा के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि भाजपा का दृष्टिकोण नफरत फैलाने वाला है और यह हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करता।
क्या है पूरा मामला?
राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिका के Brown University में एक कार्यक्रम के दौरान भगवान राम को ‘पौराणिक’ बताते हुए उनसे जुड़ी कथाओं को काल्पनिक कहा था। इस बयान को लेकर वकील हरिशंकर पांडेय ने अदालत में आपत्ति दर्ज कराते हुए याचिका दाखिल की है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी के इस बयान से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और उन्होंने सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान किया है।
याचिका और कानूनी प्रक्रिया
यह मामला पहले भी अदालत में पहुंच चुका है। 12 मई 2025 को दाखिल मूल याचिका को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद 26 सितंबर को जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई, जिस पर अब सुनवाई चल रही है।
आज की सुनवाई में पहले याचिका की मेंटेनिबिलिटी (वैधता) पर बहस होगी। इसके बाद अदालत तय करेगी कि राहुल गांधी के खिलाफ केस चलाया जाए या नहीं।
गैरहाजिरी पर कार्रवाई के संकेत
पिछली तारीख पर राहुल गांधी अदालत में पेश नहीं हुए थे, जिससे सुनवाई टल गई थी। अब कोर्ट ने संकेत दिया है कि यदि इस बार भी वे उपस्थित नहीं होते हैं, तो आगे संवैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
राहुल गांधी का पक्ष
अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा था कि भारत के महान विचारक—बुद्ध, गुरु नानक, गांधी और अंबेडकर—सहिष्णुता और करुणा के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि भाजपा का दृष्टिकोण नफरत फैलाने वाला है और यह हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करता।