राहुल गांधी के भगवान राम पर विवादित बयान मामले में वाराणसी कोर्ट में सुनवाई, अगली तारीख 15 अप्रैल
राहुल गांधी के विदेश दौरे के दौरान दिए गए बयान को लेकर वाराणसी की एमपी-एमएलए अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने मामले की पत्रावली मंगवाते हुए अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तारीख तय की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके बयान से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
वाराणसी: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेश में दिए गए कथित विवादित बयान से जुड़े मामले में सोमवार को वाराणसी की एमपी-एमएलए अदालत में सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने इस मामले की पत्रावली अवर न्यायालय से तलब करते हुए अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तारीख तय की है।
मामला तिलमापुर के पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्रा की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र से जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। सोमवार को अदालत में इसी प्रकरण की निगरानी को लेकर सुनवाई हुई।
यह विवाद उस समय सामने आया जब राहुल गांधी ने अमेरिका दौरे के दौरान न्यूयॉर्क स्थित Brown University में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान भारतीय धार्मिक और सामाजिक विचारधाराओं पर टिप्पणी की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि भारत के महान सुधारकों जैसे बुद्ध, गुरु नानक, महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समाज में करुणा, सहिष्णुता और समानता का संदेश दिया।
राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि भारतीय जनता पार्टी का दृष्टिकोण हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि वह समाज में नफरत फैलाने का काम करता है। इसी दौरान भगवान राम से जुड़ी उनकी टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया और इसे लेकर धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया गया।
वाराणसी के अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने अदालत में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी से हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है और इस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तारीख तय कर दी है। उस दिन यह तय किया जा सकता है कि इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।