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वाराणसी में रेलकर्मियों का हल्लाबोल: बोनस-OPS और 8वें वेतन आयोग की मांग उठाई, दी देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

 

Varanasi : रेलवे में लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी से नाराज रेलकर्मियों ने गुरुवार को बनारस रेल मंडल कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। एनई रेलवे मेंस कांग्रेस (एनईआरएमसी) के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में रेलकर्मी शामिल हुए।

प्रदर्शनकारी रेलकर्मियों ने रेलवे के निगमीकरण और निजीकरण पर रोक लगाने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू करने समेत कई मांगें उठाईं।

‘मांगें पूरी नहीं हुईं तो देशव्यापी आंदोलन’

धरने को संबोधित करते हुए संगठन के महामंत्री अखिलेश पांडेय ने आरोप लगाया कि रेल प्रशासन कर्मचारियों की मांगों की लगातार अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे को निजीकरण और निगमीकरण की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है, जबकि कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। यदि सरकार ने मांगों का संज्ञान नहीं लिया तो एनईआरएमसी के बैनर तले देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

अखिलेश पांडेय ने प्रस्तावित चार नए श्रम कानूनों का भी विरोध किया और कहा कि ये प्रावधान रेलकर्मियों को स्वीकार्य नहीं होंगे।

7वें वेतन आयोग के आधार पर बोनस और 8वें वेतन आयोग की मांग

प्रदर्शन के दौरान रेलकर्मियों ने 7वें वेतन आयोग के आधार पर बोनस दिए जाने की मांग की। साथ ही 8वें वेतन आयोग को जल्द लागू करने की मांग भी उठाई गई।

कर्मचारियों ने रेलवे में पदों को सरेंडर किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि किसी कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के बाद संबंधित पद को सरेंडर कर दिया जाता है, जिससे कर्मचारियों की संख्या लगातार प्रभावित हो रही है।

रेल कर्मचारियों ने मांग की कि रिक्त पदों को समाप्त करने के बजाय उन पर नई नियुक्तियां की जाएं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई मामलों में पद सरेंडर करने के बाद उन्हीं कार्यों को बाद में ठेका प्रथा के जरिए कराया जाता है। रेल कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।