आज रात से 60 दिन तक बंद रहेगा राजघाट पुल, दोनों छोर पर लग जाएगी बैरिकेडिंग, जानिए नया डायवर्जन प्लान
वाराणसी: राजघाट पुल की लंबे समय से प्रस्तावित मरम्मत का कार्य आखिरकार मंगलवार रात से शुरू होने जा रहा है। रेलवे, लोक निर्माण विभाग (PWD) और यातायात पुलिस के बीच सहमति बनने के बाद प्रशासन ने रात में पुल पर आवाजाही प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है। इसके तहत 17 जून से 13 अगस्त तक प्रतिदिन रात 10 बजे से सुबह 6:30 बजे तक राजघाट पुल पूरी तरह नो-व्हीकल जोन रहेगा।
मरम्मत कार्य के दौरान पुल के दोनों छोरों पर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी। सुरक्षा कारणों से पैदल यात्रियों के आवागमन पर भी रोक रहेगी। सोमवार रात पुलिस ने 10 मिनट के ट्रायल के दौरान पुल पर आवागमन बंद कर व्यवस्थाओं का परीक्षण भी किया।
जॉइंटर और गर्डर की होगी मरम्मत
चंदौली और वाराणसी को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल पर जॉइंटर, गर्डर और अन्य संरचनात्मक हिस्सों की मरम्मत की जानी है। पीडब्ल्यूडी की ओर से लंबे समय से इसकी तैयारी चल रही थी। रेलवे अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक के बाद कार्य के लिए अंतिम मंजूरी दी गई। अधिकारियों के अनुसार मरम्मत कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि पुल की संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रात में लागू रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन
एडीसीपी यातायात अंशुमान मिश्रा के मुताबिक, मरम्मत अवधि के दौरान रात 10 बजे से सुबह 6:30 बजे तक वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा।
पड़ाव से वाराणसी आने वाले वाहन
पड़ाव से राजघाट की ओर आने वाले वाहन रिंग रोड फेज-3, टेंगरा मोड़, रामनगर और सामनेघाट पुल के रास्ते शहर में प्रवेश करेंगे।
शहर से पड़ाव जाने वाले वाहन
राजघाट से पड़ाव की ओर जाने वाले वाहनों को सारनाथ, संदहा, रिंग रोड फेज-3 और सामनेघाट पुल के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रात्रिकालीन यात्रा के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें।
मालवीय पुल के नीचे ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित
राजघाट स्थित ऐतिहासिक मालवीय पुल के ऊपर मरम्मत कार्य होने के कारण रेलवे ने भी विशेष सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुल के नीचे से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों के संचालन को प्रतिदिन दो घंटे के लिए रोका जाएगा।
रेलवे प्रशासन के अनुसार मरम्मत अवधि के दौरान हर दिन सुबह 3 बजे से 5 बजे तक ट्रेनों का आवागमन बंद रहेगा। इसका असर वाराणसी जंक्शन से काशी होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन और बिहार की ओर जाने वाली कई ट्रेनों के संचालन पर पड़ सकता है।
रेलवे ने सुरक्षा को बताया प्राथमिकता
उत्तर रेलवे के एडीआरएम बीके यादव ने बताया कि पुल की मरम्मत के दौरान किसी भी तरह के जोखिम से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल के नीचे रेलवे लाइन होने के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दो महीने तक रहेगा असर
राजघाट पुल पूर्वांचल और बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में अगले करीब 60 दिनों तक रात के समय यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ेगा। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुल की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी।