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वाराणसी में दुकानों पर रेट-बोर्ड अनिवार्य, जानिए- नगर निगम बैठक में लिए गए कई अहम फैसले

वाराणसी नगर निगम की साधारण सभा में शहर की चारों सीमाओं पर भव्य ‘काशी द्वार’ निर्माण, पर्यटक दुकानों पर रेट-बोर्ड अनिवार्य करने और विश्वनाथ धाम के पास सरकारी धर्मशाला बनाने जैसे अहम फैसले लिए गए।

 

वाराणसी: नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में जलकर सरचार्ज में राहत के अलावा कई अहम निर्णय लिए गए, जिनसे आम नागरिकों, उपभोक्ताओं और पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा। बैठक में तय हुआ कि नगर निगम की चारों सीमाओं पर भव्य ‘काशी द्वार’ बनाए जाएंगे, जिनमें काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को दर्शाया जाएगा। इससे शहर में प्रवेश करते ही पर्यटकों को विशेष अनुभूति होगी।

पर्यटन से जुड़े मुद्दों पर सदन ने सख्त रुख अपनाया। मैदागिन से असि घाट तक सभी खान-पान और व्यापारिक दुकानों पर रेट-बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि पर्यटकों से मनमाने दाम न वसूले जा सकें। इसके साथ ही श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से दो किलोमीटर के दायरे में 400–500 कमरों की सरकारी धर्मशाला के निर्माण प्रस्ताव पर विचार करने का निर्णय लिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को रात में खुले में न रहना पड़े।

गर्मी को देखते हुए सभी कुओं की सफाई और हैंडपंपों की रिवोरिंग युद्धस्तर पर कराने के निर्देश दिए गए। 100 वार्डों में कुओं के जीर्णोद्धार और जलस्तर की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट पार्षदों को उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया।

बैठक में कज्जाकपुरा सेतु का नाम ‘बावा लाट भैरव सेतु’ रखने और पुराने रामनगर की हरिजन बस्ती में पार्क निर्माण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।

अवैध कब्जों पर कार्रवाई और पार्क विकास

साधारण सभा ने वार्ड 59 (रमरेपुर) में पोखरों से अवैध कब्जे हटाने, वार्ड 65 (रामनगर) के वाजिदपुर क्षेत्र में पार्क निर्माण और पुराने रामनगर की हरिजन बस्ती में भी पार्क विकसित करने के निर्देश दिए।

डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के भुगतान में अनियमितता के आरोपों पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कटौती के बाद ही भुगतान किया गया है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक ही सीट पर तीन साल से जमे कर्मचारियों का पटल परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पार्षदों द्वारा उठाए गए सभी सवालों का जवाब दिया। बैठक में अपर नगर आयुक्त सविता यादव, मुख्य अभियंता आरके सिंह, जलकल महाप्रबंधक अनूप कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्षद और अधिकारी मौजूद रहे।