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मणिकर्णिका घाट तोड़ने वालों पर नहीं, विरोध करने वालों पर हो रहा केस – संजय सिंह 

वाराणसी में आम आदमी पार्टी की “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा को ज़बरदस्त जनसमर्थन मिला। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने युवाओं को रोजगार या 10 हजार रुपये बेरोज़गारी भत्ता देने की मांग की।

 

वाराणसी: आम आदमी पार्टी की रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो पदयात्रा रविवार को तीसरे दिन मिर्ज़ापुर से होते हुए वाराणसी पहुंची। राज्यसभा सांसद और आप यूपी प्रभारी संजय सिंह के नेतृत्व में निकली इस पदयात्रा को रास्ते भर जनता का व्यापक समर्थन मिला।

गीता वाटिका (मिर्ज़ापुर) से शुरू हुई पदयात्रा सबेसर, बाजहा और पाहो बाजार होते हुए वाराणसी के जखनी, जमुनी स्थित श्रीकृष्ण बैंक्वेट एवं मैरिज लॉन तक पहुंची। यात्रा के दौरान युवाओं, महिलाओं, अधिवक्ताओं और बुज़ुर्गों ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर संजय सिंह का स्वागत किया। 

मणिकर्णिका घाट विवाद पर सरकार पर हमला

वाराणसी पहुंचते ही संजय सिंह ने मणिकर्णिका घाट से जुड़े विवाद और अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले मणिकर्णिका घाट को नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन कार्रवाई विरोध करने वालों पर की जा रही है। 

युवाओं को रोजगार यात्रा का मुख्य लक्ष्य

पदयात्रा के दौरान संजय सिंह ने कहा कि यह आंदोलन दलितों, पिछड़ों, वंचितों और बेरोज़गार युवाओं के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि यूपी में बेरोज़गारी, पेपर लीक और भ्रष्टाचार ने युवाओं का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। सरकार या तो युवाओं को रोजगार दे, या फिर हर बेरोज़गार युवा को 10,000 रुपये मासिक बेरोज़गारी भत्ता दिया जाए।

संविधान शिक्षा अनिवार्य करने की मांग

संजय सिंह ने सरकारी और निजी स्कूलों में संविधान की शिक्षा अनिवार्य करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि समानता, न्याय और बंधुत्व की भावना तभी मजबूत होगी, जब नई पीढ़ी संविधान के मूल मूल्यों को समझेगी।