रुद्राणी जायसवाल: रैकेट से पुलिस की वर्दी तक, वाराणसी की बेटी ने रचा सफलता का नया अध्याय
वाराणसी। सपने देखना आसान है, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए डर, परिस्थितियों और सामाजिक सोच से लड़ना पड़ता है। खासकर बेटियों के लिए खेल की दुनिया में पहचान बनाना केवल प्रतिभा का नहीं, बल्कि संघर्ष, अनुशासन और लगातार मेहनत का भी सफर होता है। वाराणसी की रुद्राणी जायसवाल ने इसी संघर्ष के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। आज वह एक अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी होने के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस में खिलाड़ी पुलिसकर्मी के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।
रुद्राणी ने वर्ष 2024 में ‘कुशल खिलाड़ी योजना’ यानी स्पोर्ट्स कोटा के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हासिल की। वर्तमान में उनकी तैनाती प्रयागराज में है। पुलिस की वर्दी मिलने के बाद भी उन्होंने बैडमिंटन को नहीं छोड़ा। उनके लिए नौकरी और खेल दोनों ही जिम्मेदारियां हैं और वह दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रही हैं।
महिला युगल में हासिल की 91वीं विश्व रैंकिंग
रुद्राणी की खेल यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में महिला युगल में 91वीं विश्व रैंकिंग हासिल करना शामिल है। वह भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 14 से अधिक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुकी हैं। उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हुए उन्होंने कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पदक अपने नाम किए हैं। इसके अलावा वह वाराणसी की लगातार सात बार जिला चैंपियन रह चुकी हैं।
संघर्षों के बीच जारी रखा खेल
रुद्राणी की सफलता किसी एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं है। इसके पीछे वर्षों का अभ्यास, अनुशासन और कई तरह के त्याग छिपे हैं। एक लड़की के लिए खेल को गंभीरता से आगे बढ़ाने के दौरान पढ़ाई, परिवार की चिंता, प्रतियोगिताओं के लिए दूसरे शहरों की यात्रा, सुरक्षा और भविष्य को लेकर कई सवाल सामने आते हैं। घर और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच खेल के लिए समय निकालना भी बड़ी चुनौती होती है।
रुद्राणी ने इन तमाम चुनौतियों के बीच संतुलन बनाया और बैडमिंटन को अपनी पहचान बना लिया।
2018 में मुरादाबाद से शुरू हुआ यादगार अध्याय
रुद्राणी की खेल यात्रा का एक यादगार पड़ाव वर्ष 2018 में मुरादाबाद रहा। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के कपिल चौधरी के साथ सीनियर मिश्रित युगल में अपना पहला खिताब जीता था। खास बात यह है कि वर्षों बाद खेल से जुड़ी उनकी मेहनत ही उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी तक लेकर आई।
हाल ही में 23 से 26 जुलाई 2026 तक मुरादाबाद में आयोजित पुलिस स्टेट टूर्नामेंट में भी रुद्राणी ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रतियोगिता में एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक हासिल किए।
बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
रुद्राणी जायसवाल की कहानी उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जिनके सामने परिस्थितियां उनके सपनों का रास्ता रोकने की कोशिश करती हैं। उनकी यात्रा बताती है कि अगर बेटियों को अवसर, परिवार का भरोसा और अपनी मेहनत पर विश्वास मिले, तो वे न सिर्फ परिवार का गौरव बन सकती हैं, बल्कि देश का प्रतिनिधित्व भी कर सकती हैं।