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काशी विद्यापीठ में रूसी भाषा की पाठशाला, 20 सितंबर तक चलेगा तीन सप्ताह का कार्यक्रम

 

Varanasi : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग और रूस के कोज़मा निझनी नोवगोरोद स्टेट पेडागोजिकल विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को तीन सप्ताह के शैक्षणिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम 31 अगस्त से 20 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें रूसी भाषा और संस्कृति से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित होंगे।

मानविकी संकाय स्थित स्मार्ट क्लासरूम में आयोजित उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता काशी विद्यापीठ के कुलपति *प्रो. आनंद कुमार त्यागी* ने की। उन्होंने भारत और रूस के लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के बाद से दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और भागीदारी रही है।

‘भाषा संप्रेषण का सबसे बेहतर माध्यम’

कुलपति प्रो. त्यागी ने कहा कि भाषा संप्रेषण का बेहतर माध्यम है। भाषा के जरिए ही दूसरे देशों की संस्कृति, कला, साहित्य और विज्ञान को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने भारत और रूस की संस्कृतियों में कई समानताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों की संस्कृतियां स्वतंत्र रूप से विकसित हुई हैं।

उन्होंने दोनों विश्वविद्यालयों के बीच हुए एमओयू का उल्लेख करते हुए सुझाव दिया कि काशी विद्यापीठ में रूसी भाषा का अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को रूस जाने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे वहां की संस्कृति और भाषा की बारीकियों को करीब से समझ सकें।

विदेशियों के लिए हिंदी कोर्स की तैयारी

प्रो. त्यागी ने कहा कि रूस में भी हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और रुचि बढ़ रही है। इसे देखते हुए काशी विद्यापीठ में विदेशी विद्यार्थियों के लिए हिंदी भाषा के पाठ्यक्रम संचालित किए जाने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।

रूसी भाषा को आसान तरीके से सिखाने पर जोर

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रूस के कोज़मा निझनी नोवगोरोद स्टेट पेडागोजिकल विश्वविद्यालय की प्रो. नतालिया श्मिलेवा ने भारत आने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि रूसी भाषा बेहद सुंदर है और रुचि के साथ सीखने पर यह आसान भी लगने लगती है।

विशिष्ट अतिथि दारया वारिनत्सोवा ने कहा कि रूसी भाषा विद्यार्थियों के लिए विदेशी भाषा है, लेकिन इसे आसान और रोचक तरीके से सिखाने का प्रयास किया जाएगा।

एमओयू के तहत शुरू हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम की समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज धनकड़ ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि काशी विद्यापीठ और रूसी विश्वविद्यालय के बीच एमओयू हुआ है। इसी के तहत काशी विद्यापीठ में कोज़मा निझनी नोवगोरोद स्टेट पेडागोगिकल विश्वविद्यालय का केंद्र भी स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस तीन सप्ताह के कोर्स में रूसी भाषा का अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के अन्य विद्यार्थी भी हिस्सा ले सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान रूसी भाषा का अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों ने रूसी गीतों की मनमोहक प्रस्तुति भी दी।

कार्यक्रम का संचालन रूसी भाषा की छात्राओं प्रियांशी मिश्रा और प्रियांशी यादव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. किरण सिंह ने किया। इस अवसर पर संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र, प्रो. निशा सिंह, प्रो. नलिनी श्याम कामिल, कुलानुशासक डॉ. अम्बरीश राय, प्रो. रामाश्रय सिंह, डॉ. नवरत्न सिंह, डॉ. कविता आर्या, प्रो. नंदिनी सिंह, प्रियोदीप हलधर सहित शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।