फर्जी धर्मांतरण आरोपों पर बोली सलमा किन्नर, युवक खुद बनना चाहता है किन्नर, मना करने पर दे रहा धमकी
वाराणसी की समाजसेवी सलमा किन्नर ने अपने ऊपर लगे फर्जी धर्मांतरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आरोप लगाने वाला युवक स्वयं किन्नर समुदाय में शामिल होना चाहता था। पुलिस जांच में अब तक आरोपों के कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आए है
वाराणसी: समाजसेवी और किन्नर समुदाय के हित में कार्य करने वाली सलमा किन्नर ने अपने ऊपर लगाए गए फर्जी धर्मांतरण के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि जिस युवक ने उन पर आरोप लगाया है, वह स्वयं पिछले छह महीनों से किन्नर समुदाय में शामिल होने की इच्छा जताता रहा है और लगातार फोन व मैसेज भेज रहा था।
सलमा किन्नर ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को किन्नर बनाना उनके व्यक्तिगत अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने कहा कि किन्नर समुदाय में किसी को स्वीकार करने का निर्णय पूरे समुदाय द्वारा सामूहिक रूप से लिया जाता है, न कि किसी एक व्यक्ति द्वारा।
उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले उत्कर्ष सैनी नाम के युवक ने उन्हें फोन कर शिकायत की थी कि कुछ किन्नर उसे परेशान कर रहे हैं। जब इस मामले की जांच की गई तो सामने आया कि युवक स्वयं किन्नर समुदाय के सदस्यों को बार-बार संदेश भेजकर समुदाय में शामिल किए जाने की मांग कर रहा था। इसी कारण नाराज होकर कुछ किन्नर उसके घर तक पहुंच गई थीं। उस समय युवक ने मदद के लिए सलमा किन्नर को बुलाया था।
सलमा ने आरोप लगाया कि उत्कर्ष सैनी की बात मानने से इनकार किया गया तो उसने हमारे खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाने शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि बीते दो महीनों से पुलिस युवक से आरोपों से जुड़े साक्ष्य मांग रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है।
इस मामले में ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड के अध्यक्ष ने भी हस्तक्षेप किया है और आश्वासन दिया है कि यदि युवक समझाने के बावजूद अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सलमा किन्नर ने कहा कि वे समाज सेवा और किन्नर समुदाय के कल्याण के लिए काम करती रही हैं और इस तरह के आरोप उनकी छवि धूमिल करने की साजिश हैं।