संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय ने बनाया कंट्रोल रूम, 370 केंद्रों पर 35 हजार से अधिक छात्र दे रहे परीक्षा
वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा संबंधी समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विश्वविद्यालय परिसर में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीम को तैनात किया गया है।
विश्वविद्यालय के केंद्राध्यक्ष डॉ. रविशंकर पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की जा रही परीक्षाएं शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो रही हैं। अब तक किसी भी परीक्षा केंद्र से अव्यवस्था, गड़बड़ी या अन्य किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
370 परीक्षा केंद्रों पर चल रही परीक्षा
परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय परिसर, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में स्थापित कुल 370 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। इन परीक्षाओं में लगभग 35,175 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिक समस्या या शिकायत के तत्काल निस्तारण के लिए विश्वविद्यालय के प्रेस विभाग में नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है। यहां तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी परीक्षा संबंधी शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे।
28 मई से शुरू हुईं वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाएं
विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाएं 28 मई से प्रारंभ हो चुकी हैं। परीक्षा कार्यक्रम में प्रथमा, पूर्वमध्यमा, उत्तरमध्यमा, शास्त्री द्वितीय सेमेस्टर (2025-2029), शास्त्री चतुर्थ सेमेस्टर (2024-2028), शास्त्री षष्ठ सेमेस्टर (2023-2026), आचार्य द्वितीय सेमेस्टर (2025-2027) तथा आचार्य चतुर्थ सेमेस्टर (2024-2026) सहित विभिन्न पाठ्यक्रम शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त संस्थागत, व्यक्तिगत, भूतपूर्व, बैंक, श्रेणी सुधार तथा एकविषयक श्रेणी के विद्यार्थियों की परीक्षाएं भी आयोजित की जा रही हैं। विश्वविद्यालय के अनुसार परीक्षा कार्यक्रम 9 जून तक जारी रहेगा।
केंद्राध्यक्षों को पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्राध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता, शुचिता एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराई जाएं। परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।
परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार ने कहा कि यदि किसी भी परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी, नकल या नियमों के उल्लंघन की सूचना प्राप्त होती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं तथा कंट्रोल रूम के माध्यम से हर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।