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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह आज, 20 मेधावियों को मिलेंगे 29 पदक

 

वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में बुधवार को 44वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। इस अवसर पर विभिन्न संकायों के मेधावी छात्र-छात्राओं को उपाधियां और स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया जाएगा।

समारोह के मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. आशुतोष शर्मा होंगे, जो आईआईटी कानपुर में इंस्टीट्यूट चेयर प्रोफेसर हैं और भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव रह चुके हैं। नैनो विज्ञान, रासायनिक अभियांत्रिकी, उन्नत पदार्थ विज्ञान और विज्ञान-प्रौद्योगिकी नीति के क्षेत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। वहीं उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।


20 मेधावियों को मिलेंगे 29 पदक

इस वर्ष कुल 20 मेधावी छात्र-छात्राओं को 29 पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें 13 छात्र और 7 छात्राएं शामिल हैं। सबसे अधिक पांच पदक रवि दीक्षित को मिलेंगे, जबकि पुष्कर तिवारी को तीन पदकों से सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार एक नई पहल करते हुए मेधावी विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता को भी सम्मानित करने का निर्णय लिया है।


तमन्ना बानो को आयुर्वेद में दो स्वर्ण पदक

छात्राओं ने भी इस बार शानदार प्रदर्शन किया है। तमन्ना बानो को आयुर्वेद विषय में दो स्वर्ण पदक मिलेंगे। इसके अलावा अनुराधा मिश्रा को पुराणेतिहास, विशाखा शुक्ला को बौद्ध दर्शन और अदिति पांडेय को फलित ज्योतिष में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। गरिमा और बबली दीक्षित को भी श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे।


दीक्षोत्सव में होंगी सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियां

दीक्षांत समारोह से पहले विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में भाषण, निबंध, काव्य लेखन, चित्रकला, लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष समारोह की थीम "संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परंपरा : विकसित भारत-2047 की आधारशिला" रखी गई है।

रवि दीक्षित और पुष्कर तिवारी रहे सबसे आगे

पदक सूची में रवि दीक्षित को सर्वाधिक पांच पदक प्राप्त होंगे, जबकि पुष्कर तिवारी को तीन पदकों से सम्मानित किया जाएगा। ब्रह्मचारी हनुमान चैतन्य, तमन्ना बानो और गोविंद सांपकोटा को दो-दो पदक मिलेंगे। इसके अलावा विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अन्य मेधावी विद्यार्थियों को भी स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया जाएगा।

44वें दीक्षांत समारोह के जरिए विश्वविद्यालय एक बार फिर संस्कृत शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा और शैक्षणिक उत्कृष्टता को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएगा।