सीर गोवर्धनपुर में संत रविदास जन्मस्थली पर साढ़े चार करोड़ का यात्री निवास तैयार, जयंती पर श्रद्धालुओं को मिलेगा बड़ा उपहार
वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास जन्मस्थली पर एनआरआई और रैदासी भक्तों के दान से साढ़े चार करोड़ की लागत से बना तीन मंजिला यात्री निवास जयंती से पहले तैयार हो गया है।
वाराणसी: संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से तीन मंजिला यात्री निवास के दो ब्लॉक तैयार किए गए हैं। यह निर्माण रैदासी समाज और एनआरआई भक्तों के सहयोग व दान से संभव हुआ है।
पिछली जयंती पर एक ब्लॉक का लोकार्पण रैदासिया धर्म संगठन के प्रमुख संत निरंजन दास ने किया था, जबकि दूसरा ब्लॉक भी बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। वर्तमान में केवल रंग-रोगन और अंतिम साज-सज्जा का कार्य शेष है। दोनों ब्लॉकों में 30-30 आधुनिक कमरे बनाए गए हैं, जिनमें श्रद्धालुओं के ठहरने की सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
यात्री निवास की नींव 18 जून 2023 को संत निरंजन दास ने मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ विधिवत पूजन कर रखी थी। इसके बाद देश और विदेश में रहने वाले एनआरआई रैदासी भक्तों ने खुले दिल से दान दिया, जिससे भवन निर्माण कार्य तेजी से पूरा हुआ।
मंदिर ट्रस्टी निरंजन चीमा ने बताया कि करीब 15 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बने इस यात्री निवास में श्रद्धालुओं के ठहरने के साथ-साथ भोजन की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। इससे पहले भगवानपुर, लंका क्षेत्र में संत सरवन दास गेस्ट हाउस का निर्माण हो चुका है, जहां 100 कमरे उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि संत रविदास जयंती के अवसर पर यह दूसरा यात्री निवास श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपहार साबित होगा, जिससे हर वर्ष बढ़ती भीड़ को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
30 जनवरी को काशी पहुंचेंगे संत निरंजन दास
संत रविदास जयंती के अवसर पर इस वर्ष पंजाब से केवल एक विशेष ट्रेन वाराणसी आएगी। यह ट्रेन 29 जनवरी को पंजाब से रवाना होकर 30 जनवरी को काशी पहुंचेगी, जिसमें संत निरंजन दास, संत समाज और एनआरआई भक्त सवार होंगे।
कार्यक्रम के तहत 31 जनवरी को पार्क में दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा, जबकि 1 फरवरी को संत रविदास जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। जन्मस्थली परिसर और पार्क क्षेत्र में सुंदरीकरण का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है।