{"vars":{"id": "130921:5012"}}

वाराणसी से ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत, CM योगी ने बच्चों को खुद परोसा खाना, बांटी किताबें और उपहार
 

 

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह 10 बजे वाराणसी से ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ किया। शिवपुर स्थित परिषदीय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने बच्चों को अपने कंधे पर स्कूल बैग पहनाया, उन्हें किताबें और उपहार दिए तथा उनका हालचाल भी जाना। इस दौरान उन्होंने बच्चों को स्वयं खाना परोसकर आत्मीयता का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षा सरकार के एजेंडे में नहीं थी और नकल को बढ़ावा दिया जाता था, जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होती थी। ऐसी व्यवस्था से समाज का विकास संभव नहीं है।

सीएम योगी ने कहा कि पहले तीसरी, चौथी और पांचवीं के बाद ही बच्चे स्कूल छोड़ देते थे और दिनभर इधर-उधर घूमते नजर आते थे। कई क्षेत्रों में स्कूल दूर होने के कारण भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी।

सीएम योगी की बड़ी बातें—

1. स्कूली शिक्षा पर 80 हजार करोड़ से अधिक खर्च
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा पर 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च किया जा रहा है और इसका सकारात्मक परिणाम भी दिखना चाहिए। जिन क्षेत्रों में कस्तूरबा गांधी विद्यालय नहीं थे, वहां नए स्कूलों के लिए बजट दिया गया है। अब इन विद्यालयों में 8वीं के बजाय 12वीं तक पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है, ताकि बच्चियों की शिक्षा बाधित न हो।

2. 2017 से पहले जर्जर थे स्कूल
उन्होंने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद स्कूलों की हालत बेहद खराब थी। कई स्कूल बंद होने की कगार पर थे और छात्रों की संख्या लगातार घट रही थी। उन्होंने एक स्कूल का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 10 से भी कम छात्र बचे थे। बाद में शिक्षकों की मेहनत से वही स्कूल दोबारा जीवंत हुआ।

3. ड्रॉपआउट रेट 19% से घटकर 3% हुआ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक समानता के लिए शिक्षा आवश्यक है। पहले स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट 19 प्रतिशत से अधिक था, जिसे घटाकर अब 3 प्रतिशत कर दिया गया है। लक्ष्य इसे शून्य तक लाना है।

4. 1.36 लाख स्कूल हुए सुविधायुक्त
सीएम योगी ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 1.36 लाख से अधिक स्कूलों को बुनियादी सुविधाओं से लैस किया गया है। नीति आयोग ने भी इसे देश की सफल शिक्षा पहल के रूप में सराहा है। इसके साथ ही ‘ऑपरेशन निपुण’ के जरिए बच्चों में सीखने की क्षमता और जिज्ञासा बढ़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार और सही दिशा देने का साधन है। यदि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं, तो समाज और देश दोनों को बेहतर परिणाम मिलेंगे।