शंकराचार्य स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती काशी में आज करेंगे जगन्नाथ धाम के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास, होगा भव्य अनुष्ठान
काशी में ऐतिहासिक श्रीजगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का शिलान्यास एक मई को शंकराचार्य स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती करेंगे। 108 फीट ऊंचे शिखर वाले भव्य जगन्नाथ धाम का निर्माण नागर शैली में होगा, जिसमें धर्मशाला, वेद विद्यालय और कौशल केंद्र भी विकसित किए जाएंगे।
वाराणसी: काशी में आध्यात्मिक विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठने जा रहा है। कांची कामकोटि पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती के सानिध्य में एक मई को असि स्थित ऐतिहासिक श्रीजगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का विधिवत शिलान्यास किया जाएगा। इस अवसर पर काशी में एक भव्य ‘जगन्नाथ धाम’ के निर्माण की शुरुआत होगी, जो आने वाले समय में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा।
108 फीट ऊंचा शिखर, गंगा से भी होगा दर्शन
प्रस्तावित श्रीजगन्नाथ धाम का स्वरूप बेहद भव्य और आकर्षक होगा। मंदिर का शिखर लगभग 108 फीट ऊंचा बनाया जाएगा, ताकि गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालु दूर से ही इसका दर्शन कर सकें।
धाम परिसर में धर्मशाला, वेद विद्यालय और कौशल प्रशिक्षण केंद्र जैसे कई महत्वपूर्ण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह परियोजना न केवल धार्मिक महत्व को बढ़ाएगी, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के विकास में भी योगदान देगी।
शंकराचार्य के सानिध्य में होगा भव्य अनुष्ठान
शिलान्यास कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शुरू होगा, जिसमें शिला पूजन और विधिवत अनुष्ठान किए जाएंगे। इससे पहले भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो नगर भ्रमण करते हुए मंदिर परिसर पहुंचेगी।
इस आयोजन में साधु-संत, काशी विद्वत परिषद के विद्वान, देशभर से आए श्रद्धालु और पुरी के जगन्नाथ मंदिर के ट्रस्टी भी शामिल होंगे। साथ ही, शंकराचार्य स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती 108 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित कर उनका आशीर्वाद भी प्रदान करेंगे।
नागर शैली में होगा निर्माण, राजस्थान से आएगा पत्थर
मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए तैयार मॉडल के अनुसार इसका निर्माण नागर शैली में किया जाएगा। इसके लिए राजस्थान के धौलपुर से विशेष पत्थर मंगाए जाएंगे और वहीं के कुशल कारीगर इस निर्माण कार्य को अंजाम देंगे।
करीब 230 साल पुराने इस मंदिर के पुनर्निर्माण में लगभग तीन वर्ष का समय लगेगा और पहले चरण में करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विश्वनाथ धाम के बाद अब दक्षिण काशी में नया धार्मिक केंद्र
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के भव्य विकास के बाद अब काशी के दक्षिणी क्षेत्र में श्रीजगन्नाथ धाम विकसित करने की योजना है। इससे काशी के धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक और प्रमुख आस्था स्थल तैयार होगा।