बाल मुंडवाए, जंगलों में छिपा, मंदिरों में सोया… ऐसे पकड़ा गया श्रेया का हत्यारोपी
वाराणसी। राजातालाब की श्रेया उपाध्याय हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी विवेक चौबे से पूछताछ में पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, विवेक पिछले करीब पांच साल से श्रेया के संपर्क में था और दोनों के बीच प्रेम संबंध था। शादी तय होने के बाद श्रेया ने विवेक से दूरी बना ली और उसका फोन उठाना भी बंद कर दिया। इससे नाराज विवेक आक्रामक हो गया और उसने श्रेया की हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद विवेक करीब 15 मिनट में घटनास्थल से निकल गया और अपने ननिहाल पहुंचा। इसके बाद उसने मिर्जापुर-सोनभद्र बॉर्डर क्षेत्र को अपना ठिकाना बनाया। पुलिस से बचने के लिए वह जंगलों में घूमता रहा। सावन के दौरान उसने मिर्जापुर में कांवरियों के लिए लगाए गए राहत शिविर में रात बिताई और वहीं भोजन करता रहा। इसके अलावा चुनार के मंदिरों और मठों में भी कुछ रातें गुजारीं।
पुलिस से पहचान छिपाने के लिए विवेक ने अपने बाल भी मुंडवा लिए थे। हालांकि, एसओजी और राजातालाब पुलिस की टीम ने सटीक सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
शादी तय होने के बाद श्रेया ने बना ली थी दूरी
एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार के अनुसार, श्रेया और विवेक के बीच करीब पांच साल से बातचीत थी। लेकिन श्रेया की शादी तय होने के बाद उसने विवेक से पूरी तरह दूरी बना ली थी। पुलिस के अनुसार, विवेक ने श्रेया को शादी के बाद तलाक लेने और फिर उससे शादी करने के लिए भी बरगलाने की कोशिश की थी। विवेक की इस बात से श्रेया नाराज हो गई और उसने उससे संपर्क खत्म कर दिया। फोन उठाना बंद करने के बाद दोनों के बीच मतभेद और बढ़ गए।
दोस्त पुनीत को भी पूरी साजिश नहीं बताई
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि विवेक ने अपने साथ पढ़े दोस्त पुनीत मिश्रा को भी पूरी सच्चाई नहीं बताई थी। पुलिस के अनुसार, विवेक ने पुनीत को हत्या के लिए तैयार करते हुए कहा था कि वारदात के बदले उसे 22 लाख रुपये मिलेंगे और दोनों 11-11 लाख रुपये बांट लेंगे।
विवेक ने पुनीत को यह नहीं बताया था कि निशाना श्रेया है। पुनीत को लगा कि विवेक के कमरे में किसी की हत्या की जानी है और वारदात के बाद उसे रुपये लेकर रांची भागना होगा। वारदात के बाद विवेक का मोबाइल बंद हो गया। इससे पुनीत को लगा कि विवेक ने उसके साथ धोखा किया है। इसके बाद वह कैब बुक कर घटनास्थल से भाग गया। पुलिस ने इसी घटनाक्रम के आधार पर पुनीत को चिह्नित किया और पूछताछ के बाद पूरे मामले की कड़ियां जुड़ती चली गईं।
मां ने आरोपी से पूछा- मेरी बेटी को क्यों मारा?
विवेक चौबे को राजातालाब थाने लाए जाने की जानकारी मिलने पर श्रेया के माता-पिता, मरुई के ग्राम प्रधान समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय लोग थाने पहुंच गए। पुलिस ने श्रेया की मां रीता उपाध्याय को कुछ देर के लिए आरोपी से मिलने की अनुमति दी।
रीता उपाध्याय ने विवेक से पूछा कि उसने उनकी प्यारी बेटी की हत्या क्यों की। मां के सवालों के दौरान विवेक ने नजरें नहीं उठाईं और लगातार जमीन की ओर देखता रहा। रीता ने उससे 18, 19 और 20 अगस्त को उसके ठिकाने और लोगों से बातचीत के बारे में भी सवाल किया। बातचीत के सवाल पर वह चुप रहा, लेकिन इतना बताया कि 20 अगस्त को वह भुवालपुर में था।