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राजकीय सम्मान के साथ मणिकर्णिका घाट पर हुआ शूटर जसपाल राणा का अंतिम संस्कार, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
 

 

वाराणसी। भारतीय निशानेबाजी जगत के दिग्गज खिलाड़ी जसपाल राणा को शनिवार शाम वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनका पार्थिव शरीर शिवपुर स्थित चांदमारी रिंग रोड के द कासा रिजॉर्ट पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, शुभचिंतक और गणमान्य लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

रिजॉर्ट परिसर में पार्थिव शरीर को ताबूत से निकालकर अर्थी सजाई गई। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र एवं विधायक पंकज सिंह समेत कई लोगों ने अर्थी को कंधा दिया और एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद अंतिम यात्रा मणिकर्णिका घाट के लिए रवाना हुई।

मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई थीं। शाम करीब सात बजे पार्थिव शरीर घाट पर पहुंचा, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान परिवार के सदस्यों की आंखें नम हो गईं और उपस्थित लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इससे पूर्व बाबतपुर एयरपोर्ट पर पूर्व जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह, एडीएम प्रोटोकॉल, एसडीएम पिंडरा समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और अपने प्रिय खिलाड़ी को अंतिम विदाई दी।

जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के उन सितारों में शामिल रहे जिन्होंने देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गौरवान्वित किया। उन्होंने वर्ष 1998 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। इसके अलावा उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारतीय शूटिंग को नई पहचान दिलाई।

उनके निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई। देशभर के खिलाड़ियों, खेल संगठनों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथियों ने कहा कि जसपाल राणा केवल एक महान निशानेबाज ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी थे।

अंतिम संस्कार में पहुंचे शूटर संदीप कुमार ने कहा कि जसपाल राणा का जाना खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि उनके योगदान और उपलब्धियों को देश हमेशा याद रखेगा।

जसपाल राणा के परिवार ने इस दुखद घड़ी में सहयोग और संवेदनाएं व्यक्त करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उनके निधन को न केवल परिवार, बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।