सपा सांसद पर तालाब और गरीबों की जमीन कब्जाने का आरोप, पीड़िता ने दी CM आवास के सामने आत्महत्या की चेतावनी
आजमगढ़। लालगंज तहसील के मोहनपुर पटवास गांव के ग्रामीणों ने मंडलायुक्त से शिकायत कर समाजवादी पार्टी के सांसद दरोगा प्रसाद सरोज और उनके परिजनों पर सार्वजनिक तालाब व गरीब ग्रामीणों की जमीन पर अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता गीता सरोज ने न्याय न मिलने पर मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्महत्या करने की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की आराजी संख्या 137, जो करीब 7.798 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तालाब खाते में दर्ज है, उस पर फार्म हाउस बना लिया गया है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, फार्म हाउस परिसर में खेती और मछली पालन किया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि पहले इस तालाब का इस्तेमाल पशुओं और सार्वजनिक हित के लिए किया जाता था, लेकिन अब उसका उपयोग बंद कर दिया गया है।
पीड़िता गीता सरोज ने आरोप लगाया कि सांसद ने करीब 50 बीघे के तालाब और आसपास के कई गरीब ग्रामीणों की जमीनों पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने फार्म हाउस के चारों ओर बिजली के तार लगाए जाने, 5-6 बोरिंग कराने, अवैध मछली पालन और पेड़ों की कटाई के भी आरोप लगाए हैं।
गीता सरोज ने सांसद के बेटे मनोज सरोज, प्रमोद सरोज और पोते अभिषेक सरोज पर शराब के नशे में हुड़दंग मचाने और धमकी देने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि उनकी करीब 1 बीघा जमीन पर भी कब्जा कर पोखरा पाट दिया गया। पीड़िता के मुताबिक, उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार समेत कई स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
सांसद ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, सपा सांसद दरोगा प्रसाद सरोज ने ग्रामीणों के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। सांसद ने कहा कि वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि शारदा विश्वकर्मा से उन्होंने 3.5 से 4 बीघा जमीन का बैनामा कराया है और पैमाइश के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी जमीन को सही पाया था।
सांसद ने कहा कि उन्होंने लाला जी, तिवारी जी और अन्य लोगों से भी नियमानुसार जमीन खरीदी है। उन्होंने किसी की जमीन पर कब्जा नहीं किया। बच्चों पर लगाए गए मारपीट के आरोपों को भी सांसद ने झूठा बताया।
दरोगा प्रसाद सरोज ने डीएम, मंडलायुक्त और तहसीलदार को मौके पर जांच की खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनकी जमीन पर एक इंच भी अवैध कब्जा पाया गया तो वह लाखों रुपये का जुर्माना भरने को तैयार हैं।