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वाराणसी में चुनाव आयोग के खिलाफ सपा का जोरदार प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; लगाए वोट चोरी के आरोप
 

 

वाराणसी। लोकतंत्र की रक्षा, निष्पक्ष चुनाव और नागरिकों के मताधिकार को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को वाराणसी जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं सपा नेता रीबू श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के बजाय मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों के मतदान के अधिकार पर संकट खड़ा हो रहा है।

रीबू श्रीवास्तव बोलीं- 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए

मीडिया से बातचीत के दौरान रीबू श्रीवास्तव ने दावा किया कि देशभर में लगभग 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जीवित नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाना उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

उन्होंने कहा, "पूरे देश में भारी आक्रोश है। लगभग 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। एक जीवित और वोट देने वाले नागरिक का नाम काटना उसे मृत घोषित करने और उसकी नागरिकता छीनने के समान है। ज्ञानेश कुमार को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।" 

SIR प्रक्रिया और BLO की मौतों को लेकर उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि चुनाव आयोग की ओर से अपनाई जा रही प्रक्रियाओं में संवैधानिक प्रावधानों और पारदर्शिता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।

सपा नेताओं ने फॉर्म-6 से जुड़ी प्रक्रिया और चुनाव आयुक्तों के बीच सहमति के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के कारण बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) पर काम का अत्यधिक दबाव बढ़ा है। इस दबाव के चलते कई बीएलओ की मौत होने का दावा करते हुए नेताओं ने प्रशासन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

प्रदर्शनकारियों ने सत्ताधारी दल पर चुनाव आयोग के अधिकारियों के माध्यम से राजनीतिक लाभ लेने का आरोप भी लगाया।

हाथों में तख्तियां लेकर की नारेबाजी

जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे थे। इन पर 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो' और मतदान के अधिकारों की रक्षा से जुड़े नारे लिखे हुए थे।

कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

इस दौरान सपा सांसद वीरेंद्र सिंह की भी बाइट ली गई। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर हर लोकतांत्रिक मंच पर अपनी आवाज उठाती रहेगी।

गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर देश के अन्य हिस्सों में भी विपक्षी दल विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और भाजपा विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे चुनावी अनियमितताओं के आरोपों से इनकार कर चुके हैं।