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वाराणसी के NH-31 पर अब लगेंगे स्पीड ब्रेकर और रंबल स्ट्रिप, हादसे रोकने की तैयारी

वाराणसी के NH-31 पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने NHAI को पत्र भेजा है। संदहा से कैथी तक लिंक मार्गों और सर्विस लेन पर स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप, साइनेज और सुरक्षा उपकरण लगाने की मांग की गई है।
 

वाराणसी: नेशनल हाइवे-31 पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर वाराणसी ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। हाईवे से जुड़े लिंक मार्गों और अंडरपास सर्विस लेन से अचानक ट्रैक्टर, कार, थ्री व्हीलर और दोपहिया वाहनों के सीधे एनएच पर आने के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं।

इसी को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक पुलिस ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पत्र भेजकर तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है। पुलिस ने कहा है कि जब तक हाईवे किनारे आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं लगाए जाएंगे, तब तक हादसों पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं होगा।

संदहा से कैथी तक बढ़ा हादसों का खतरा

नेशनल हाइवे-31 पर संदहा से कैथी (वाराणसी बॉर्डर) तक कई गांव, कालोनियां और लिंक मार्ग स्थित हैं। इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वाहन और पैदल लोग हाईवे पर आते-जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, लिंक मार्गों और अंडरपास की सर्विस लेन से तेज रफ्तार में वाहन सीधे हाईवे पर पहुंच जाते हैं, जिससे एनएच पर चल रहे वाहनों से टक्कर हो जाती है।

यही वजह है कि इस रूट पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। हादसों में लोगों की मौत और गंभीर रूप से घायल होने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।

NHAI से मांगे गए ये सुरक्षा इंतजाम

ट्रैफिक पुलिस ने NHAI को भेजे गए पत्र में हाईवे के संवेदनशील स्थानों पर तत्काल निम्न सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है-

  • स्पीड ब्रेकर
  • टेबल टॉप
  • रंबल स्ट्रिप विद ब्लिंकर
  • सफेद पट्टी मार्किंग
  • कैट आइ
  • साइनेज बोर्ड

पुलिस का कहना है कि इन इंजीनियरिंग हस्तक्षेपों से सड़क हादसों में काफी कमी लाई जा सकती है।

परिवहन मंत्रालय ने भी जताई चिंता

हाईवे पर बढ़ते हादसों को लेकर परिवहन मंत्रालय ने भी चिंता जाहिर की है। मंत्रालय की ओर से नामित एजेंसी ‘सेव लाइफ फाउंडेशन’ द्वारा कराए गए सर्वे में सामने आया कि ज्यादातर दुर्घटनाएं हाईवे से जुड़े लिंक मार्गों और सर्विस लेन से आने वाले वाहनों की वजह से हो रही हैं।

परिवहन मंत्रालय और प्रदेश यातायात निदेशालय के निर्देश पर एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने एनएच-31 के संदहा से वाया स्वर्वेद मंदिर, चौबेपुर से गाजीपुर बॉर्डर तक सड़क सुरक्षा का निरीक्षण कराया। इस दौरान सहायक पुलिस आयुक्त यातायात और सारनाथ की टीम भी मौजूद रही। सेव लाइफ फाउंडेशन की रिपोर्ट में कहा गया है कि सड़क इंजीनियरिंग और सुरक्षा उपकरणों के जरिए हाईवे दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी उठा मुद्दा

22 मई को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी NH-31 पर बढ़ते हादसों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। बैठक में संबंधित विभागों को दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे।

क्या बोले एडीसीपी ट्रैफिक

एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने कहा कि- एनएच-31 हाइवे पर बढ़ते हादसे और उन पर अंकुश लगाने को लेकर NHAI को पत्र लिखकर सुरक्षा उपकरण बनाने और लगाने का अनुरोध किया गया है।