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वृंदावन हादसे के बाद वाराणसी में सख्ती: बिना लाइफ जैकेट चल रही 6 नावें सीज, ड्रोन से बढ़ी निगरानी

 
वाराणसी: काशी के गंगा घाटों पर बढ़ती भीड़ और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर जहां गंगा में नावों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए तीन किलोमीटर लंबा वाटर डिवाइडर लगाने की योजना बनाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं।

गंगा में बनेगी अलग-अलग वाटर लेन

नई योजना के तहत गंगा में फ्लोटिंग जेटी के जरिए वाटर डिवाइडर लगाया जाएगा, जिससे नावों के आने-जाने के लिए अलग-अलग लेन तय होंगी। इससे नावों के टकराने की घटनाओं में कमी आएगी और ट्रैफिक व्यवस्थित होगा। डिवाइडर को मजबूत बनाने के लिए पहले जाल बिछाया जाएगा, फिर उसके ऊपर फ्लोटिंग जेटी लगाई जाएगी, जिसका वजन पानी भरने के बाद करीब 350 किलो होगा।

ड्रोन से निगरानी, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई

Varanasi के दशाश्वमेध और अस्सी घाट पर नाविकों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है और बिना लाइफ जैकेट नाव चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। रविवार को 6 नाविकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

गंगा आरती के बाद पुलिस टीम ने खुद नाव पर जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान एसीपी भेलूपुर ने नियमों का उल्लंघन करने वाली नावों को चिन्हित कर सीज भी कराया।

जल पुलिस बल बढ़ाने की तैयारी

एसीपी अतुल अंजान के अनुसार, गंगा में बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए जल पुलिस की संख्या 45 से बढ़ाकर 100 की जा रही है। साथ ही स्पीड बोट्स पहले से तैनात हैं, जो लगातार गश्त कर रही हैं।

सुरक्षा होगी और मजबूत

गंगा पार रेती क्षेत्र में पुलिस बूथ भी बनाया गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि गंगा में पर्यटन के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह दुरुस्त रहे।