वन टाइम टैक्स के खिलाफ कैब चालकों का बड़ा ऐलान, 23 फरवरी से चक्का जाम की चेतावनी
कमर्शियल टैक्सी और कैब मालिकों ने वन टाइम टैक्स के विरोध में सरकार को अल्टीमेटम दिया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि 22 फरवरी 2026 तक टैक्स वापस नहीं लिया गया, तो 23 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी। इससे टैक्सी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
वाराणसी: कमर्शियल टैक्सी और कैब वाहनों पर लगाए गए वन टाइम टैक्स के विरोध में वाहन मालिकों और चालकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। टैक्सी मालिकों ने सरकार और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया, तो वे 23 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।
टैक्सी मालिकों का कहना है कि वे पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतें, बीमा, फिटनेस, परमिट, मेंटेनेंस और अन्य करों का खर्च उनकी कमर तोड़ चुका है। ऐसे में वन टाइम टैक्स लगाया जाना उनके लिए अतिरिक्त बोझ साबित हो रहा है, जिससे उनका व्यवसाय चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
वाहन मालिकों के अनुसार, यह निर्णय छोटे और मध्यम वर्ग के टैक्सी चालकों की रोजी-रोटी पर सीधा प्रहार है। इससे लाखों वाहन मालिकों और चालकों के सामने बेरोजगारी का खतरा पैदा हो सकता है और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने इसे जन विरोधी और अव्यवहारिक निर्णय बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।
टैक्सी यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 22 फरवरी 2026 तक उनकी मांग पूरी नहीं की गई, तो वे 23 फरवरी से अपनी गाड़ियों का संचालन बंद कर देंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर वे अपने वाहनों के दस्तावेज और चाबियां प्रशासन को सौंपने जैसे कदम भी उठा सकते हैं।
टैक्सी और कैब मालिकों ने सरकार से अपील की है कि वन टाइम टैक्स को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए या कमर्शियल वाहनों को इससे पूरी तरह छूट दी जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना रोजगार जारी रख सकें और अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। अब सभी की नजर सरकार और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।