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शिक्षक सम्मान समारोह: बनारस के उत्कृष्ट शिक्षकों ने साझा किए अनुभव, डिजिटल युग और AI पर हुई खुलकर चर्चा
 

 

 

 

 

वाराणसी। शिक्षक केवल बच्चों को पाठ्यक्रम की शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। बदलते डिजिटल युग में शिक्षक और शिक्षा की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए Benaras Global Times की ओर से शुक्रवार को शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में वाराणसी के विभिन्न विद्यालयों से आए उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

 

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने डिजिटल शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बच्चों की पढ़ाई पर तकनीक के प्रभाव और इसके संभावित दुष्प्रभावों पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि तकनीक और AI ने शिक्षा को पहले की तुलना में अधिक सहज, रोचक और सुलभ बनाया है। बच्चे अब कुछ ही समय में देश-दुनिया की तमाम जानकारियां हासिल कर सकते हैं और AI की मदद से कठिन विषयों को भी आसानी से समझ सकते हैं।

हालांकि, शिक्षकों ने यह भी कहा कि तकनीक का अत्यधिक और अनियंत्रित इस्तेमाल बच्चों के लिए चुनौती बन सकता है। AI पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता बच्चों की रचनात्मक सोच, स्वयं समस्या का समाधान करने की क्षमता और मानवीय संवाद को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में अभिभावकों और शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को तकनीक का सही और संतुलित इस्तेमाल सिखाया जाए।

सम्मानित हुए वाराणसी के उत्कृष्ट शिक्षक

समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनमें सनबीम सनसिटी, वाराणसी से अर्चना श्रीवास्तव, TGT Science; मोहिनी, TGT English एवं CBSE Resource Person तथा अवि नमन, MUN और YP Circuit से जुड़े चर्चित शिक्षाविद् शामिल रहे।

इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय रमईपट्टी, पिंडरा, वाराणसी के राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक कमलेश कुमार पांडेय को भी सम्मानित किया गया। वहीं प्राथमिक विद्यालय जाठी, पिंडरा, वाराणसी के सहायक अध्यापक अवनीश कुमार यादव को भी उनके शैक्षिक योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

शिक्षकों ने साझा की अपने 'रोल मॉडल' की कहानी

समारोह की खास बात यह रही कि सम्मानित शिक्षकों ने अपने शिक्षण जीवन और संघर्ष के उन सुनहरे पलों को भी साझा किया, जिन्होंने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाया। शिक्षकों ने बताया कि उनके जीवन में किसी न किसी शिक्षक ने ऐसी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

कई शिक्षकों ने अपने उन रोल मॉडल शिक्षकों को याद किया, जिनसे उन्होंने केवल किताबों का ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, संवेदनशीलता, मेहनत और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव सीखा। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का प्रभाव विद्यार्थी के जीवन में वर्षों तक बना रहता है और कई बार वही विद्यार्थी आगे चलकर स्वयं शिक्षक बनकर समाज में बदलाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है।

सामाजिक बदलाव में शिक्षकों की अहम भूमिका

कार्यक्रम में Benaras Global Times की टीम की ओर से मिथिलेश कुमार पांडेय और रविंद्र सहाय (करियर काउंसलर) ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षित नहीं करते, बल्कि उन्हें बेहतर नागरिक बनाने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।

वक्ताओं ने कहा कि आज जब समाज तेजी से डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, ऐसे समय में शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्हें बच्चों को आधुनिक तकनीक और AI के सकारात्मक उपयोग के साथ-साथ उसके जोखिमों के प्रति भी जागरूक करना होगा।

उन्होंने कहा कि AI शिक्षक का विकल्प नहीं, बल्कि एक सहायक साधन है। तकनीक ज्ञान तक पहुंच आसान कर सकती है, लेकिन विद्यार्थियों में संस्कार, संवेदनशीलता, नैतिकता और मानवीय मूल्यों का विकास शिक्षक ही कर सकते हैं।

सम्मान से बढ़ता है शिक्षकों का उत्साह

समारोह में शिक्षकों ने Benaras Global Times की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में शिक्षकों के योगदान को पहचान और सम्मान मिलना जरूरी है। ऐसे आयोजन शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान की सराहना की गई। समारोह ने यह संदेश दिया कि तकनीक चाहे कितनी भी विकसित क्यों न हो जाए, एक अच्छे शिक्षक की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण और अपरिहार्य रहेगी।