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काशी में सजेगा संगीत का महाकुंभ: 6 अप्रैल से शुरू होगा 103वां संकट मोचन संगीत समारोह, 150 से ज्यादा कलाकार देंगे प्रस्तुति
 

 

वाराणसी I काशी का बहुप्रतीक्षित और ऐतिहासिक संकट मोचन संगीत समारोह इस साल 6 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। छह दिनों तक चलने वाले इस प्रतिष्ठित आयोजन का यह 103वां वर्ष है। 6 से 11 अप्रैल तक चलने वाले इस समारोह में देशभर से आए 150 से अधिक कलाकार हनुमत प्रभु के चरणों में गायन, वादन और नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति देंगे।

इस बार भी कई नामचीन कलाकार समारोह का हिस्सा बनेंगे। लोकगायिका मालिनी अवस्थी, प्रख्यात भजन व गजल गायक अनूप जलोटा, बांसुरी वादक पं. हरिप्रसाद चौरसिया सहित कई दिग्गज कलाकार अपनी कला से श्रद्धालुओं और संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध करेंगे। खास बात यह है कि इस बार 20 से ज्यादा कलाकार पहली बार हनुमत दरबार में प्रस्तुति देंगे।

संगीत के इस महाकुंभ में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, ओडिशा समेत देश के विभिन्न शहरों से कलाकार हिस्सा लेने पहुंचेंगे। आयोजन के दौरान हर दिन करीब 12 घंटे तक लगातार प्रस्तुतियां होंगी। पहले तीन दिनों में प्रतिदिन आठ-आठ और अंतिम तीन दिनों में सात-सात प्रस्तुतियां होंगी। इस तरह छह दिनों में कुल 45 प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।

समारोह में 45 प्रमुख कलाकारों के साथ उनकी संगत करने वाली टीम भी मंच पर मौजूद रहेगी, जिससे कुल मिलाकर करीब 150 कलाकार इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे। आयोजन समिति की ओर से कलाकारों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है और उनसे संपर्क भी किया जा रहा है। इसी सप्ताह कलाकारों की फाइनल सूची जारी कर दी जाएगी।

इस बार समारोह की खास आकर्षणों में शिवमणि के ड्रम और यू. राजेश के मेंडोलिन की जुगलबंदी भी शामिल होगी। इसके अलावा भुवनेश्वर से पं. रतिकांत महापात्रा और पुणे से पं. उल्हास काशलकर का गायन भी दर्शकों को सुनने को मिलेगा। वहीं, मुंबई से रोनू मजूमदार बांसुरी वादन की मनमोहक प्रस्तुति देंगे।

हर साल की तरह इस बार भी संकट मोचन संगीत समारोह में भक्ति, संगीत और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा, जिसका बेसब्री से इंतजार संगीत प्रेमी और श्रद्धालु कर रहे हैं।