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गंगा-वरुणा के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन अलर्ट, बाढ़ प्रभावित इलाकों का पुलिस कमिश्नर-DM ने लिया जायजा

 

वाराणसी। गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच वाराणसी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गुरुवार को संयुक्त रूप से नदी तटवर्ती और बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय एवं जलमार्गीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने जलस्तर, जल प्रवाह और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।

निरीक्षण की शुरुआत नमो घाट से हुई। पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी ने जल पुलिस व एनडीआरएफ की नावों के जरिए गंगा और वरुणा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम केशव घाट से आगे सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया और सराय मोहना समेत कई संवेदनशील इलाकों तक पहुंची।

अधिकारियों ने उन क्षेत्रों की स्थिति भी देखी, जहां जलस्तर बढ़ने पर आबादी प्रभावित हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव की संभावना, नदी का बहाव और तटवर्ती क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली गई। संबंधित अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

राहत शिविर और संसाधन तैयार रखने के निर्देश

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गंगा और वरुणा के जलस्तर की लगातार निगरानी करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जलस्तर में होने वाले हर बदलाव की नियमित समीक्षा हो और इसकी जानकारीतत्काल संबंधित अधिकारियों व कंट्रोल रूम तक पहुंचाई जाए।

संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, पहुंच मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और राहत-बचाव से जुड़े संसाधनों को सक्रिय स्थिति में रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को बिना देरी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की अपील

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने पुलिस और जल पुलिस को नदी तथा तटवर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू व सुरक्षित निकासी की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बाढ़ से जुड़ी जानकारी के लिए केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

वरुणा किनारे घर-घर चलेगा जागरूकता अभियान

जिलाधिकारी ने तहसीलदार सदर और संबंधित अधिकारियों को वरुणा नदी के किनारे बसे आबादी वाले क्षेत्रों में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। लोगों को संभावित बाढ़ की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों, सुरक्षित स्थानों, निकासी मार्गों और राहत-बचाव की व्यवस्थाओं के बारे में पहले से जानकारी देने को कहा गया है।

एनडीआरएफ और जल पुलिस की नावों को भी मौके पर तैयार रखा गया है, ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके। प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाढ़ जैसी आपदा से निपटने में समय पर सूचना, लगातार निगरानी, बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई सबसे अहम है। सभी विभागों को अपने-अपने संसाधन और मानवबल तैयार रखने तथा संवेदनशील इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. सदानन्द गुप्ता, तहसीलदार सदर, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट, जल पुलिस के अधिकारी समेत पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।