वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप! 68.94 मीटर पहुंचा जलस्तर, 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी
वाराणसी। काशी में मां गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को गंगा का जलस्तर 68.94 मीटर दर्ज किया गया, जो करीब 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। वाराणसी में गंगा के खतरे का निशान 71.26 मीटर है। लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते शहर के प्रसिद्ध 84 घाट जलमग्न हो चुके हैं। घाटों के किनारे बने कई छोटे-बड़े मंदिर भी पानी की चपेट में आ गए हैं।
जलस्तर बढ़ने का असर दशाश्वमेध घाट पर भी दिखाई दे रहा है। यहां स्थित जल पुलिस का कार्यालय भी पानी में डूब गया है। घाटों पर आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। गंगा में नौका संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से 46 बाढ़ राहत चौकियां तैयार कराई गई हैं। साथ ही गंगा में बैरिकेडिंग की गई है और ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों के जरिए घाटों और नदी क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए NDRF और जल पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और स्थिति के अनुसार आगे के कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से घाटों की तस्वीर भी बदल गई है। जहां इन दिनों घाटों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ नजर आती थी, वहीं अब पानी का फैलाव दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने लोगों से गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों और नदी के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है।