सरकार ने किया ऐलान, इस दिन जारी होगी पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त
Mar 11, 2026, 19:16 IST
वाराणसी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम 13 मार्च को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में किसानों के खातों में योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे।
जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने जनपद के किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम 13 मार्च, शुक्रवार को शाम 5 बजे आयोजित होगा। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण वेब लिंक https://pmindiawebcast.nic.in
के माध्यम से किया जाएगा, ताकि किसान इसे आसानी से देख सकें।
उन्होंने बताया कि वाराणसी जनपद में इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर, सभी विकास खंडों, ग्राम पंचायतों, सहकारी समितियों (PACS) और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों पर भी किया जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी ने किसान भाइयों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन केंद्रों पर पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लें और प्रधानमंत्री द्वारा जारी की जाने वाली किसान सम्मान निधि की किस्त से जुड़ी जानकारी प्राप्त करें।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल तीन किस्तों में आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में मदद मिलती है।
जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने जनपद के किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम 13 मार्च, शुक्रवार को शाम 5 बजे आयोजित होगा। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण वेब लिंक https://pmindiawebcast.nic.in
के माध्यम से किया जाएगा, ताकि किसान इसे आसानी से देख सकें।
उन्होंने बताया कि वाराणसी जनपद में इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर, सभी विकास खंडों, ग्राम पंचायतों, सहकारी समितियों (PACS) और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों पर भी किया जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी ने किसान भाइयों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन केंद्रों पर पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लें और प्रधानमंत्री द्वारा जारी की जाने वाली किसान सम्मान निधि की किस्त से जुड़ी जानकारी प्राप्त करें।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल तीन किस्तों में आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में मदद मिलती है।