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काशी की माई-बहिन के प्रणाम करत हई...महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरा, बोले- आरक्षण का हक दिलाकर रहूंगा

 

वाराणसी: प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। यहां बीएलडब्ल्यू ग्राउंड में आयोजित महिला जन सम्मेलन को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री ने करीब 6,332 करोड़ रुपये की 163 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसके बाद ‘नमः पार्वतेय, हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित किया।

‘काशी की माई-बहिन के प्रणाम करत हई’

प्रधानमंत्री ने भोजपुरी अंदाज में संबोधित करते हुए कहा, हम काशी के माई-बहिन और बिटईन के प्रणाम करत हई। उन्होंने कहा कि काशी माता अन्नपूर्णा, श्रृंगार गौरी, मां संकठा और विशालाक्षी देवी की पावन भूमि है। यहां महिलाओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने कार्यक्रम को और दिव्य बना दिया है।

काशी से एक महायज्ञ की शुरुआत करने आया हूं

इस कार्यक्रम से मैं एक महायज्ञ की शुरुआत के लिए काशी की मां, बहन और बेटियों से आशीर्वाद लेने आया हूं। काशी के सांसद के तौर पर देश के प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे देशहित के एक बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करना।

महिला आरक्षण पर विपक्ष पर निशाना

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, सपा और कांग्रेस जैसे दलों की वजह से हमारा प्रयास संसद में सफल नहीं हो पाया, लेकिन मैं बहनों को भरोसा देता हूं कि उनके आरक्षण का हक दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा।

पीएम मोदी ने कहा, कुछ देर पहले दो अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई है, काशी से पुणे और अयोध्या से मुंबई। ये दोनों अमृत भारत ट्रेनें यूपी और महाराष्ट्र की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएंगी। अब मुबंई सहित पूरे महाराष्ट्र के लोगों को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने का एक और आधुनिक विकल्प मिल गया है। मैं इस शुभारंभ के लिए देशवासियों को बधाई देता हूं।

‘नारी शक्ति विकसित भारत का मजबूत स्तंभ’

उन्होंने आगे कहा, भारत को विकसित बनाने का मिशन अनवरत चल रहा है और जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं,तो उसका सबसे मजबूत स्तंभ भारत की नारीशक्ति है।

पीएम मोदी ने बताया हमारी सरकार की नीतियों में निरंतर महिला कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। 2014 में आपने हमें सेवा का अवसर दिया तो देश में 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बने। 30 करोड़ से ज्यादा बहनों के बैंक खाते खुले। 2.5 करोड़ से ज्यादा घरों में बिजली का कनेक्शन दिया गया। 12 करोड़ से ज्यादा घरों में नल से जल पहुंचाया, यानी अनेक बड़ी योजनाओं के केंद्र में बहनों-बेटियों को रखा गया।

प्रधानमंत्री ने सुविधा और सुरक्षा का विश्वास देने के साथ-साथ हमने बहनों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया है। उन्होंने कहा, बीते 11 वर्षों में देश की करीब 10 करोड़ बहनें स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, इन समूहों को लाखों रुपये की मदद मिल रही है, जिससे बहनें अपना काम कर रही हैं। ऐसे ही प्रयासों से 3 करोड़ बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं।