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वाराणसी में 20 फरवरी से लगेगा राष्ट्रीय सरस मेला, चिकनकारी से लेकर डेकोरेटिव आइटम तक सब कुछ मिलेगा एक ही छत के नीचे

 

वाराणसी। काशी में एक बार फिर हुनर और हस्तशिल्प का रंगीन उत्सव सजने जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर का सरस मेला 20 फरवरी से 2 मार्च तक सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के क्रीड़ा प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों के उत्कृष्ट उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री होगी।

जनपद वाराणसी में इससे पहले भी चार बार सरस मेले का आयोजन हो चुका है, जहां समूहों को अच्छा कारोबार करने का अवसर मिला था। इस बार भी बड़ी संख्या में स्टॉल लगाए जाएंगे। बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, केरल और हरियाणा सहित कई राज्यों के प्रमुख स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेंगे। साथ ही वाराणसी जनपद के विभिन्न विकासखंडों से भी समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है।

हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की भरमार

मेले में चिकनकारी, ब्लैक पॉटरी, सिल्क साड़ियां, लकड़ी के खिलौने, लेडीज गारमेंट्स, कांच की चूड़ियां, सॉफ्ट टॉय, डेकोरेटिव आइटम, जरी-जरदोजी, जूट बैग, बांस के उत्पाद, चादर, नेचुरल फूड और नारियल से बने उत्पादों सहित कई आकर्षक वस्तुएं उपलब्ध रहेंगी।

यह मेला न केवल हुनरमंद महिला कारीगरों के लिए अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच बनेगा, बल्कि उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में भी सहायक सिद्ध होगा।

तैयारियों को लेकर प्रशासन सतर्क

मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने मंगलवार को राइफल क्लब में बैठक की। उन्होंने यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं, अग्निशमन प्रबंध, प्रतिभागियों के ठहरने और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक में उपायुक्त (स्वत: रोजगार) वाराणसी ने मेले के प्रचार-प्रसार, बिक्री की संभावनाओं और अब तक की तैयारियों की जानकारी साझा की। प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन लगभग 4 से 5 हजार लोगों के मेले में पहुंचने की संभावना है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और बच्चों के लिए विशेष आकर्षण

मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए मिक्की माउस जैसे आकर्षण और विभिन्न खान-पान के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिससे अन्य राज्यों से आए प्रतिभागियों और आगंतुकों को वाराणसी की समृद्ध कला और संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।

बैठक में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी, अग्निशमन विभाग, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय सरस मेला एक बार फिर वाराणसी में ग्रामीण स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का बड़ा मंच बनने जा रहा है।