काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा होगी और सख्त! दीवारें होंगी ऊंची, हर गली पर लगेंगे HD कैमरे
वाराणसी के श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जाएगी। धाम की नीची दीवारों को ऊंचा किया जाएगा, हाई रिजॉल्यूशन HD कैमरे लगाए जाएंगे और गंगा द्वार से लेकर भैरव गेट तक नई सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन योजना लागू होगी।
वाराणसी: श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अब सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने धाम परिसर की सुरक्षा को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनके तहत अब धाम की नीची दीवारों को ऊंचा किया जाएगा और पूरे परिसर को हाई रिजॉल्यूशन HD कैमरों की निगरानी में लाया जाएगा।
सावन, विशेष पर्व और बड़े आयोजनों में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में धाम की सुरक्षा को पूरी तरह हाईटेक बनाया जाएगा।
नीची दीवारें बनीं चिंता का कारण, अब बढ़ाई जाएगी ऊंचाई
करीब 50 हजार वर्गमीटर में फैले श्रीकाशी विश्वनाथ धाम परिसर की कई दीवारें अभी लगभग आठ फीट ऊंची हैं। इन दीवारों के निचले हिस्से में पत्थर की संरचना है, जबकि ऊपर ग्रिल और नेट लगाए गए हैं।
हालांकि भगवान जौ विनायक मंदिर, नीलकंठ और सतुआ बाबा आश्रम गली की ओर कुछ हिस्सों में दीवार अपेक्षाकृत नीची पाई गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने आशंका जताई है कि इन स्थानों से बाहर से परिसर के अंदर तक देखा जा सकता है या कोई चढ़कर प्रवेश कर सकता है। इसी वजह से अब इन दीवारों को और ऊंचा करने की योजना तैयार की जा रही है।
धाम से जुड़ी गलियों में लगेंगे हाई रिजॉल्यूशन कैमरे
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए धाम परिसर और उससे जुड़ी गलियों में हाई रिजॉल्यूशन HD कैमरे लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि परिसर के ब्लाइंड स्पॉट्स को भी कैमरों की निगरानी में लाया जाएगा ताकि कोई भी गतिविधि नजर से बच न सके।
हाल ही में आईबी की अपर निदेशक विनीता शर्मा और एडीजी सुरक्षा तरुण गाबा ने धाम परिसर का निरीक्षण कर मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट किया था। इसके बाद मंदिर सुरक्षा समिति की बैठक में कैमरों की संख्या बढ़ाने और दीवारों की ऊंचाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मंदिर प्रशासन ने कैमरे लगाने के लिए शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया है और जिन स्थानों पर दीवारें कम ऊंची हैं, उनका चिन्हांकन शुरू कर दिया गया है।
सावन और त्योहारों की भीड़ को लेकर विशेष तैयारी
सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी चिंता सावन और विशेष पर्वों के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को लेकर है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की नई रणनीति तैयार की जा रही है।
धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित निकासी के लिए गंगा द्वार से आने-जाने वाले मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक भवन के पास से वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का प्रस्ताव भी सामने आया है ताकि भीड़ का दबाव कम किया जा सके।
भैरव गेट पर लगेगा आधुनिक स्लाइडिंग गेट
भीड़ नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए भैरव गेट पर आधुनिक स्लाइडिंग गेट लगाने की योजना बनाई गई है। इसके जरिए श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित किया जाएगा और भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा बैरिकेडिंग, होल्डिंग एरिया, वीडियो वॉल और उद्घोषणा प्रणाली को भी और आधुनिक बनाया जाएगा ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
गंगा द्वार पर बढ़ेगी बोट पेट्रोलिंग, सोशल मीडिया पर भी निगरानी
धाम की सुरक्षा अब सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं रहेगी। गंगा द्वार और जलमार्ग की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जल पुलिस, एनडीआरएफ और पीएसी की संयुक्त बोट पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर भी विशेष फोकस किया जाएगा ताकि किसी भी अफवाह, भ्रामक सूचना या सुरक्षा से जुड़ी गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।
जल्द तैयार होगी पूरी कार्ययोजना
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के डिप्टी कलेक्टर शम्भू शरण ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का आकलन किया जा रहा है। जल्द ही इन सभी प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। धाम प्रशासन का उद्देश्य है कि आने वाले समय में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।