वाराणसी में गंगा पर बन रहे सिग्नेचर ब्रिज का नाम होगा 'नमो ब्रिज', ऊपर छह लेन हाईवे और नीचे चार रेलवे ट्रैक; रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया ऐलान
वाराणसी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वाराणसी दौरे के दौरान गंगा नदी पर निर्माणाधीन सिग्नेचर ब्रिज के नाम को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि नमो घाट के समीप बन रहे ट्रांस-गंगा कॉरिडोर को अब 'नमो ब्रिज' के नाम से जाना जाएगा। रेल मंत्री ने काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण करने के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से वाराणसी की रेल और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।
1200 करोड़ की लागत से बन रहा डबल-डेकर ब्रिज
नमो घाट के पास गंगा नदी पर करीब 1200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से इस अत्याधुनिक डबल-डेकर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि पुल के ऊपरी हिस्से में छह लेन का हाईवे बनाया जाएगा, जबकि निचले हिस्से में चार रेलवे ट्रैक बिछाए जाएंगे। इससे एक ही पुल पर सड़क और रेल यातायात की सुविधा उपलब्ध होगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पुल का डिजाइन आने वाले 100 वर्षों की परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। परियोजना को पूरा होने में लगभग तीन वर्ष लगने का अनुमान है।
काशी रेलवे स्टेशन से जुड़ेगा नमो ब्रिज
प्रस्तावित नमो ब्रिज को काशी रेलवे स्टेशन से जोड़ने की भी योजना है। इसके निर्माण से रेलवे की परिचालन क्षमता बढ़ने और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होने की उम्मीद है। साथ ही वाराणसी से बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर रेल संपर्क को मजबूती मिलेगी।
इस परियोजना से स्थानीय नागरिकों के अलावा देश-विदेश से काशी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
छह आधुनिक प्लेटफॉर्म के साथ विकसित होगा काशी रेलवे स्टेशन
रेल मंत्री ने काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने बताया कि स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां छह आधुनिक प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। इसके अलावा यात्रियों के लिए फुटबॉल मैदान के बराबर बड़ा प्रतीक्षालय विकसित करने की योजना है।
स्टेशन के आधुनिकीकरण में काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। इन सुविधाओं से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ अधिक ट्रेनों के संचालन में मदद मिलेगी।
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
शनिवार को वाराणसी में रेल परियोजनाओं के निरीक्षण के साथ नई रेल सेवाओं की शुरुआत भी हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस नई ट्रेन सेवा से वाराणसी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रात्रिकालीन रेल यात्रा का आधुनिक विकल्प उपलब्ध होगा। कार्यक्रम के दौरान अन्य रेल सेवाओं का भी शुभारंभ किया गया।