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वाराणसी में गंगा-वरुणा का जलस्तर बढ़ा, सलारपुर के घरों में घुसा चार फीट पानी
 

 

वाराणसी। गंगा और वरुणा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से वाराणसी में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। सोमवार को गंगा का जलस्तर 66.28 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 0.98 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। मौजूदा जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 3.98 मीटर नीचे है।

उधर, वरुणा नदी भी उफान पर है। सारनाथ क्षेत्र के सलारपुर में सोमवार रात अचानक वरुणा का पानी घरों में घुस गया। कई मकानों में करीब चार फीट तक पानी भर गया, जिसके बाद लोगों को अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों और किराये के मकानों में शरण लेनी पड़ी।

स्थानीय निवासी विजय यादव ने बताया कि रात में अचानक पानी बढ़ने लगा और देखते ही देखते उनके घर में करीब चार फीट पानी भर गया। सलारपुर में रेलवे लाइन के पास स्थित कई मकान भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं। वहीं, पुराना पुल-पुलकोहना के पास नाले से सटे मकानों की चौखट तक पानी पहुंच चुका है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।

घाटों पर बदले गए आरती और शवदाह स्थल

गंगा का जलस्तर बढ़ने का असर काशी के घाटों पर भी दिखाई दे रहा है। अस्सी घाट की आरती अब ‘सुबह-ए-बनारस’ के मंच के पास कराई जा रही है। वहीं, दशाश्वमेध और राजेंद्र प्रसाद घाट पर भी जलस्तर बढ़ने के कारण आरती स्थल बदल दिया गया है।

हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाट पर शवदाह स्थल भी पानी बढ़ने के कारण बदलना पड़ा है। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह स्थल को छत पर स्थानांतरित कर दिया गया है। पानी ऊपर आने के कारण अंतिम संस्कार में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रभावित इलाकों में पानी लगातार बढ़ने से स्थानीय लोगों को राहत और बचाव कार्य की जरूरत महसूस हो रही है। प्रशासन भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्यों की तैयारी में जुटा है।