वाराणसी के नन्हे युवान ने किया बड़ा कमाल, 1:58 मिनट में Forward-Backward पीरियोडिक टेबल सुनाकर कई वर्ल्ड रिकॉर्ड किए अपने नाम
Varanasi : काशी की धरती ने एक बार फिर देश को गर्व करने का अवसर दिया है। वाराणसी के नन्हे प्रतिभाशाली बालक युवान नागेश श्रीवास्तव ने अपनी अद्भुत स्मरण शक्ति (Memory Power) का प्रदर्शन करते हुए पीरियोडिक टेबल को फॉरवर्ड और बैकवर्ड दोनों क्रम में मात्र 1 मिनट 58 सेकंड में सुनाकर कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिए हैं।
Benaras Global Times से विशेष बातचीत में युवान ने बताया कि उन्हें इस उपलब्धि के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा उनके माता-पिता और Guinness World Records से मिली। उन्होंने कहा कि उनका सपना भविष्य में एस्ट्रोनॉट बनने का है और विज्ञान उनका सबसे पसंदीदा विषय है।
कई अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
युवान की इस असाधारण उपलब्धि को कई प्रतिष्ठित रिकॉर्ड संस्थाओं ने मान्यता दी है। उनका नाम Asia Book of Records, London Book of Records, World Excellence Book of Records, International Book of Records और India Book of Records में दर्ज हो चुका है। इसके अलावा Guinness World Records के लिए भी आवेदन किया गया है।
बचपन से ही थी असाधारण स्मरण शक्ति
युवान की मां जाह्नवी गौतम, जो बीएचयू (BHU) में कंप्यूटर साइंस की शोधार्थी हैं, बताया कि युवान की याददाश्त बचपन से ही बेहद तेज थी। उन्होंने कहा कि करीब ढाई साल की उम्र में ही युवान अंग्रेजी के अल्फाबेट्स को फॉरवर्ड और रिवर्स दोनों क्रम में बोलने लगा था। उसकी इसी क्षमता को पहचानते हुए हमने उसे धीरे-धीरे पीरियोडिक टेबल याद कराना शुरू किया।
बिना किसी दबाव के मिली सफलता
युवान के पिता नागेश कुमार श्रीवास्तव, जो वाराणसी कोर्ट में एडवोकेट एवं फैकल्टी हैं, का कहना है कि युवान एक सामान्य बच्चे की तरह ही जीवन जीता है। उन्होंने बताया कि हमने कभी उस पर किसी तरह का मानसिक दबाव नहीं बनाया। सिर्फ उसकी रुचि को समझा, उसे समय दिया और सही दिशा में मार्गदर्शन किया।
अभिभावकों को दिया खास संदेश
युवान के माता-पिता का मानना है कि हर बच्चा अपने आप में विशेष होता है। जरूरत सिर्फ उसकी प्रतिभा को पहचानने और उसे सही दिशा देने की होती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को मोबाइल फोन में व्यस्त रखने के बजाय उनके साथ समय बिताएं, उनकी रुचियों को समझें और उन्हें सकारात्मक माहौल दें।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से मिलने की इच्छा
युवान के माता-पिता ने बताया कि वे चाहते हैं कि उनके बेटे को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद प्राप्त हो। इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संपर्क भी किया है।
काशी के लिए गौरव की बात
कम उम्र में मिली यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल युवान या उसके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे वाराणसी और देश के लिए गर्व का विषय है। युवान ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर छोटी उम्र में भी बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।