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बाबा जी के यहां से बोल रहे हैं, पैसे भेज दो…सतुआ बाबा की फेक आईडी बनाकर परिचितों से मांगे पैसे, चौक थाने में FIR

 

वाराणसी के प्रसिद्ध संत और महामंडलेश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा के नाम पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों से पैसे मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अज्ञात व्यक्ति उनके नाम और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर परिचितों को मैसेज और फोन कर रहा है। वह खुद को बाबा के यहां से बताकर लोगों से पैसे भेजने की मांग कर रहा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद सतुआ बाबा ने चौक थाने में लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने देर रात मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

फेक आईडी बनाकर भेजे जा रहे मैसेज

महामंडलेश्वर सतुआ बाबा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके नाम से फर्जी आईडी तैयार कर लोगों को मैसेज भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही फोन कॉल करके भी पैसे की मांग की जा रही है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक संत ने सतुआ बाबा को फोन कर इस संबंध में जानकारी दी। संत ने बताया कि एक व्यक्ति ने उन्हें फोन करके बाबा के नाम पर पैसे मांगे थे।

छवि खराब करने की कोशिश का आरोप

सतुआ बाबा ने पुलिस को बताया कि इस तरह की गतिविधियों से उनकी सामाजिक और धार्मिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर फर्जी आईडी संचालित करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने दर्ज की FIR

चौक थाना प्रभारी दिलीप कुमार मिश्रा के अनुसार, सतुआ बाबा की तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब साइबर सेल और सर्विलांस सेल की मदद से आरोपी की पहचान करने में जुटी है। आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।

कौन हैं महामंडलेश्वर सतुआ बाबा?

महामंडलेश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा वाराणसी के प्रमुख संतों में शामिल हैं। वह विष्णु स्वामी संप्रदाय की सतुआ बाबा पीठ के मुखिया हैं। इस परंपरा में पीठ के प्रमुख संत को सतुआ बाबा के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2012 में छठे पीठाधीश्वर ब्रह्मलीन यमुनाचार्य जी महाराज के निधन के बाद संतोष दास जी को पीठ की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद वह विष्णु स्वामी संप्रदाय के 57वें आचार्य बने। महाकुंभ के दौरान भी उन्हें जगद्गुरु की उपाधि से सम्मानित किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

पुलिस का कहना है कि साइबर सेल और सर्विलांस टीम की मदद से फर्जी आईडी और कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान की जा रही है। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।