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पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार पहुंचे नागरीप्रचारिणी सभा, काशी की कला-संस्कृति की विरासत देखी

 

Varanasi : केंद्र सरकार के पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने रविवार दोपहर नागरीप्रचारिणी सभा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सभा परिसर में नवनिर्मित कलादीर्घाओं ‘षडंग’, ‘नेपथ्य’ और ‘प्रतिपदा’ का अवलोकन किया। इन दीर्घाओं में काशी की समृद्ध साहित्यिक, कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया है।

आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी के कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी

‘षडंग’ प्रदर्शनी कक्ष में हिंदी के प्रसिद्ध संपादक आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी के कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई है। यहां मुंशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, आचार्य रामचंद्र शुक्ल, मैथिलीशरण गुप्त, हीरा डोम, माधव राव सप्रे, बंगमहिला राजेंद्रबाला घोष और चंद्रधर शर्मा सहित साहित्यकारों की रचनाओं के पन्ने प्रदर्शित किए गए हैं।

वहीं ‘नेपथ्य’ प्रदर्शनी कक्ष में महामना मदनमोहन मालवीय, बाबू श्यामसुंदर दास और देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद से जुड़ी वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है।

बंगाल चित्रकला शैली और काशी का संबंध

‘प्रतिपदा’ में भारत कला भवन और नागरीप्रचारिणी सभा के संयुक्त प्रयास से बंगाल चित्रकला शैली और काशी के कलात्मक संबंधों पर केंद्रित प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी में वर्षा ऋतु की कलात्मक अभिव्यक्ति को भी प्रमुखता दी गई है।

बड़े स्तर पर ऐसे प्रयोग की जरूरत

कलादीर्घाओं के अवलोकन के बाद पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां काशी के अनूठे सांस्कृतिक अनुभव को और विस्तार देती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इस प्रकार के प्रयासों को बड़े स्तर पर किया जाना चाहिए, ताकि देश-विदेश से आने वाले अधिक से अधिक पर्यटक काशी की सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ सकें।

सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने पर्यटन सचिव का स्वागत किया और उन्हें नई पुस्तकें भेंट कीं। इस अवसर पर संयुक्त महानिदेशक पर्यटन अरुण श्रीवास्तव, उपमहानिदेशक उत्तांक जोशी समेत सभा के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इन कलादीर्घाओं के जरिए काशी की कला, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे नई पीढ़ी और पर्यटकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।