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बड़ा रेल हादसा टला: टावर वैगन के चार पहिये बेपटरी, इंजीनियर-कर्मचारियों ने कूद कर बचाई जान

हरदत्तपुर स्टेशन पर ओएचई लाइन जांच के दौरान रेलवे के टावर वैगन के चार पहिये बेपटरी हो गए। घटना लूप लाइन में होने से ट्रेन संचालन प्रभावित नहीं हुआ। डीआरएम और अधिकारियों की मौजूदगी में 50 से अधिक कर्मचारियों ने नौ घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर वैगन को पटरी पर वापस चढ़ाया। जांच के आदेश दिए गए हैं।

 

वाराणसी: बनारस रेल मंडल के हरदत्तपुर स्टेशन पर सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया। ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन (OHE) जांच के लिए निकले रेलवे के दो कोचों वाले टावर वैगन के चार पहिये अचानक बेपटरी हो गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। यह घटना लूप लाइन में हुई, जिससे मुख्य लाइन पर ट्रेन संचालन प्रभावित नहीं हुआ।

घटना सुबह करीब 10 बजे हुई, जब टावर वैगन मंडुवाडीह से हरदत्तपुर की ओर जा रहा था। लोको पायलट संजय प्रजापति वाहन को धीरे-धीरे आगे बढ़ा रहे थे कि अचानक जोरदार आवाज के साथ टावर वैगन हिलकर पटरी से उतर गया। स्थिति असामान्य देखते ही वैगन में मौजूद सीनियर सेक्शन इंजीनियर सहित अन्य कर्मचारियों ने कूदकर अपनी जान बचाई, जिसमें कुछ को हल्की चोटें आईं।

हादसे की सूचना मिलते ही डीआरएम आशीष जैन और मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। करीब एक घंटे बाद रेलवे की सेफ्टी ट्रेन भी पहुंची और 50 से अधिक रेल कर्मचारियों की टीम ने बेपटरी पहियों को पटरी पर लाने का काम शुरू किया। अंधेरा होने पर रेल कर्मियों ने वहीं तंबू लगाकर रोशनी की व्यवस्था की और देर रात तक रेस्क्यू जारी रखा।

रात 9 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ। हादसे में रेल पटरियों को भी नुकसान पहुंचा है। डीआरएम ने पूरी घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।