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वाराणसी में वृक्षारोपण महायज्ञ बना जन-उत्सव, एक दिन में 15.49 लाख पौधारोपण

 

 

वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के तहत रविवार को वाराणसी में पर्यावरण संरक्षण का अनूठा जन-आंदोलन देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेशभर में एक ही दिन 35 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य के बीच वाराणसी में 15,49,600 पौधों का रोपण किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान से प्रेरित इस महाअभियान में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

पौधे लेने उमड़ी लोगों की भीड़

इस बार अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए वाराणसी के सभी वार्डों, प्रमुख चौराहों, तिराहों और सार्वजनिक स्थलों पर पौधा वितरण केंद्र बनाए गए। सुबह से ही इन केंद्रों पर महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोगों ने पौधे लेकर अपने घरों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर उन्हें लगाने तथा संरक्षण का संकल्प लिया। जनसहभागिता ने पूरे अभियान को एक उत्सव का रूप दे दिया।

मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने की निगरानी

जनपद के नोडल मंत्री एवं स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने पूरे अभियान की लगातार निगरानी की। उनके निर्देशन में पहली बार बड़े पैमाने पर पौधा वितरण शिविर लगाए गए, जिससे आम लोगों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

वीआईपी स्थल से हुआ अभियान का शुभारंभ

वन विभाग की ओर से केंद्रीय कारागार शिवपुर के पीछे स्थित वीआईपी स्थल पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नोडल मंत्री रविन्द्र जायसवाल, विधान परिषद सदस्य धर्मेन्द्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, नोडल अधिकारी शंभू कुमार, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, वन संरक्षक रवि कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी निधि चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाएं, महिला समूह, छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

कार्यक्रम में अतिथियों ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की और पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन तथा हरित भविष्य के लिए वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डाला। मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने लोगों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने की अपील की।

प्रदर्शनी और पौध भंडारा रहे आकर्षण

कार्यक्रम स्थल पर वन विभाग, नमामि गंगे, डब्ल्यूआईआई, जलज और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। यहां पर्यावरण संरक्षण, जलीय जैव विविधता, बांस से बने पर्यावरण अनुकूल उत्पाद तथा महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के अंत में पौध भंडारे के माध्यम से विभिन्न प्रजातियों के पौधे नि:शुल्क वितरित किए गए।

प्रशासन ने कहा कि अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि आने वाले वर्षों में वे मजबूत वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।