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वाराणसी: 32 महिला टीमों ने कजली महोत्सव में बांधा समां, मेहंदीगंज की भगवानी टीम रही अव्वल
 

 

वाराणसी। आदर्श गांव नागेपुर स्थित लोक समिति आश्रम में शनिवार को महिला कजली महोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। लोक समिति और आशा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में ग्रामीण अंचल के विभिन्न गांवों की 32 महिला टीमों ने प्रतिभाग किया। कजली गीतों की पारंपरिक तान पर पूरा गंवई जन-मन झूम उठा।

महोत्सव में महिलाओं ने पारंपरिक कजली गीतों के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को भी अपनी आवाज दी। महिलाओं ने सावन, खेती-किसानी और प्रेम से जुड़े गीतों के अलावा नशा मुक्ति, देशभक्ति, मनरेगा, शिक्षा, महिला हिंसा और समाज में बराबरी के अधिकार जैसे विषयों पर गीत प्रस्तुत किए।

महिलाओं ने “कइसे खेलब जइबू सावन में कजरिया बदरिया घेरे आई ननदी...”, “रिमझिम बरसे ला पनिया चला-चली धान रोपे धनिया...”, “होये द विकास तनी आगे बारी धनिया...”, “दारू पीके घरवा आयेन अउर देलेन हो गारी...” और “पियवा छपवा द हो चुनरी...” जैसे गीतों की प्रस्तुति से समां बांध दिया। गीतों के माध्यम से महिलाओं ने सामाजिक कुरीतियों और असमानता के खिलाफ संदेश भी दिया।

मेहंदीगंज की भगवानी की टीम रही विजेता

कजली महोत्सव में मेहंदीगंज गांव की भगवानी की टीम ने प्रथम स्थान हासिल कर विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं अफजलपुर गांव की उषा की टीम दूसरे और देऊरा गांव की बबिता की टीम तीसरे स्थान पर रही। विजेता टीमों को शील्ड देकर सम्मानित किया गया।

महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या उपस्थित रहीं। वहीं समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल रहे।

कार्यक्रम का संचालन अनिता और सोनी ने किया। लोक समिति के संयोजक नंदलाल मास्टर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान मुकेश कुमार, रामप्रकाश, पंचमुखी, श्यामसुंदर, रामबचन, आशा, जगवंती समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।