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वाराणसी : रथयात्रा-महमूरगंज स्थित स्वर्ण कला केन्द्र में लगी भीषण आग, 3 घंटे की कड़ी मशक़्कत के बाद पाया गया काबू

 


वाराणसी। रथयात्रा-महमूरगंज स्थित बनारस स्वर्ण कला केन्द्र में शनिवार सुबह भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। इस दौरान कुछ दमकलकर्मी चोटिल भी हुए, लेकिन उपचार के बाद वे दोबारा अभियान में जुट गए। दमकलकर्मियों की तत्परता से आग आसपास की इमारतों तक फैलने से रोक ली गई और एक बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह 5:35 बजे अग्निशमन विभाग के कंट्रोल रूम को आग लगने की सूचना मिली। इसके महज एक मिनट बाद 5:36 बजे भेलूपुर अग्निशमन केंद्र से दो और चेतगंज केंद्र से तीन दमकल गाड़ियां घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के निर्देशन में आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। दुकान के कुछ शटर बंद होने के कारण दमकलकर्मियों को अंदर पहुंचने में परेशानी हुई। इसके बाद चेतगंज से बहु-आपदा मोचन वाहन बुलाया गया और शटर के ताले काटकर अंदर जाने का रास्ता बनाया गया।

दुकान के भूतल पर कृत्रिम छत, लकड़ी का सामान, घड़ी की दुकान और सोने-चांदी के सामान का सुरक्षित कक्ष था। आग की चपेट में आने से लकड़ी के सामान और कृत्रिम छत को नुकसान पहुंचा। वहीं, अंदर धुआं भरने और गर्मी प्रथम तल तक पहुंचने के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई थी। प्रथम तल पर साड़ियों का प्रदर्शन कक्ष था। ऐसे में आग को फैलने से रोकने के लिए दमकलकर्मियों ने श्वास यंत्र पहनकर सीढ़ियों के सहारे ऊपर पहुंचकर कांच की दीवारें तोड़ीं, जिससे धुआं बाहर निकल सके। इसके बाद आग को पूरी तरह बुझाने और परिसर को ठंडा करने की कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान कुछ दमकलकर्मियों की उंगलियों में आंशिक चोटें आईं। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उपचार के बाद भी जवान आग बुझाने के अभियान में जुटे रहे। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 8:35 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

दमकल विभाग की मुस्तैदी से आग किसी दूसरे भवन तक नहीं पहुंची और घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। जवानों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने सराहना की।