वाराणसी एयर शो के लिए गंगा में बनेगा 200 मीटर का पुल, 25 वॉच टावर से होगी निगरानी, राफेल, सुखोई और तेजस दिखाएंगे हवाई ताकत
वाराणसी के नमो घाट पर 25 अक्टूबर को वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ पर विंग्स ओवर गंगा एयर शो आयोजित होगा। राफेल, सुखोई, तेजस और सूर्य किरण टीम के प्रदर्शन की तैयारी है। गंगा में 200 मीटर का पांटून पुल बनेगा। जानिए घाटों पर बैरिकेडिंग, वॉच टावर और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी।
Varanasi Air Show 2026: वाराणसी में 25 अक्टूबर को गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान अपनी ताकत और उड़ान कौशल का प्रदर्शन करेंगे। वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में नमो घाट पर ‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम के तहत एयर शो आयोजित किया जाएगा। इसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस और एलसीएच प्रचंड जैसे विमानों के प्रदर्शन की तैयारी है। सूर्य किरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी अपने करतब दिखाएंगी। आयोजन को देखते हुए गंगा में करीब 200 मीटर लंबा पांटून पुल बनाने के साथ घाटों पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए जा रहे हैं।
राफेल, सुखोई और तेजस दिखाएंगे हवाई ताकत
नमो घाट पर होने वाले एयर शो में लड़ाकू विमानों के साथ परिवहन और अन्य श्रेणियों के विमान भी शामिल होंगे। प्रस्तावित प्रदर्शन में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, एलसीएच प्रचंड, आईएल-76, आईएल-78, सी-295 और एएन-32 जैसे विमान शामिल हैं।
सूर्य किरण एरोबेटिक टीम आसमान में विमानों के सटीक तालमेल और सामूहिक उड़ान का प्रदर्शन करेगी। वहीं, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम हेलीकॉप्टरों के जरिए अपने उड़ान कौशल का परिचय देगी।
आयोजन में भारतीय नौसेना और थलसेना के विमानों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। इससे दर्शकों को सैन्य विमानन और विभिन्न सेवाओं की संचालन क्षमता देखने का अवसर मिलेगा। एयर शो का उद्देश्य वायुसेना की क्षमताओं को प्रदर्शित करने के साथ युवाओं को सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है।
गंगा में बनेगा 200 मीटर लंबा पांटून पुल
एयर शो के दौरान आपात स्थिति में आवागमन को सुगम बनाने के लिए गंगा में करीब 200 मीटर लंबा पांटून पुल तैयार किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग मिर्जापुर से पांटून मंगाकर आदिकेशव क्षेत्र से नमो घाट तक वैकल्पिक मार्ग विकसित कर रहा है।
विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता केके सिंह के मुताबिक, पुल का निर्माण अंतिम चरण में है और इसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजन के दौरान जरूरत पड़ने पर यह मार्ग आवागमन और आपात प्रबंधन में मददगार होगा।
मानेकशा और विवेकानंद जलयानों से होगी निगरानी
गंगा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पर्यटन विभाग की अलकनंदा क्रूजलाइन के दो जलयान मानेकशा और विवेकानंद तैनात किए जाने की तैयारी है। इन पर निगरानी केंद्र बनाए जाएंगे और वायुसेना के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
योजना के तहत पैरा ट्रूपर कमांडो रस्सियों के सहारे जलयानों पर उतरने का प्रदर्शन भी करेंगे। इसके लिए 12 अक्टूबर को अभ्यास किया गया था। इन जलयानों के जरिए गंगा में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था के संचालन में मदद मिलेगी।
राजघाट से दशाश्वमेध तक बैरिकेडिंग
एयर शो के दौरान गंगा किनारे दर्शकों की भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसके मद्देनजर राजघाट से दशाश्वमेध घाट तक बैरिकेडिंग की जा रही है। बैरिकेडिंग के आगे लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
आयोजन स्थल के आसपास 25 से अधिक पुलिस चेक पोस्ट और स्वास्थ्य शिविर तैयार करने की योजना है। इसके अलावा 25 से ज्यादा स्थानों पर सार्वजनिक घोषणा प्रणाली (पीए सिस्टम) लगाई जा रही है, जिसके जरिए कंट्रोल रूम से जरूरी निर्देश प्रसारित किए जाएंगे।
गंगा किनारे बनेंगे करीब 25 वॉच टावर
दर्शकों की सुरक्षा और भीड़ की निगरानी के लिए गंगा किनारे करीब 25 वॉच टावर तैयार किए जा रहे हैं। इनके जरिए सुरक्षा एजेंसियां घाटों और आसपास के क्षेत्रों की गतिविधियों पर नजर रखेंगी।
एयर शो के दौरान भीड़ प्रबंधन, वैकल्पिक रास्तों, घाटों की सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग स्तर पर तैयारी की जा रही है। प्रशासन का जोर है कि बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने के बावजूद सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
Varanasi Air Show 2026: एक नजर में
मुख्य आयोजन: 25 अक्टूबर 2026
स्थान: नमो घाट, वाराणसी
थीम: विंग्स ओवर गंगा
अवसर: भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ
प्रमुख प्रदर्शन टीमें: सूर्य किरण और सारंग
प्रमुख विमान: राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, प्रचंड सहित अन्य विमान
पांटून पुल: करीब 200 मीटर
गंगा में निगरानी: मानेकशा और विवेकानंद जलयान
सुरक्षा व्यवस्था: करीब 25 वॉच टावर और 25 से अधिक पुलिस चेक पोस्ट व स्वास्थ्य शिविरों की तैयारी