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एयर शो के पास पर नेताओं की तस्वीरों को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल- राघवेंद्र चौबे ने BJP जनप्रतिनिधियों पर लगाए प्रचार के आरोप

वाराणसी एयर शो के पास को लेकर सियासी विवाद शुरू हो गया है। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने भाजपा जनप्रतिनिधियों पर पास वितरण और उन पर तस्वीरें लगाकर प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आम काशीवासियों को भी एयर शो के पास उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

 

वाराणसी। वाराणसी में एयर शो के पास को लेकर सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों पर एयर शो के पास अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में वितरित करने और उन पर अपनी तस्वीरें लगाकर प्रचार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस आयोजन में आम काशीवासियों को भी सम्मानपूर्वक पास उपलब्ध कराने की व्यवस्था है?

सेना के आयोजन को राजनीतिक प्रचार से जोड़ने का आरोप

राघवेंद्र चौबे ने कहा कि भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और वीरता पर प्रत्येक देशवासी को गर्व है। सेना देश की सुरक्षा की मजबूत प्रहरी है और उसके जवानों ने अपने साहस, रणनीतिक क्षमता और वीरता से दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने सेना के जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके योगदान को नमन किया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा के जनप्रतिनिधि एयर शो के पास बनवाकर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में वितरित कर रहे हैं। उन्होंने पास पर अपनी तस्वीरें लगाने और सेना के आयोजन को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने पर भी सवाल उठाए।

'क्या एयर शो सिर्फ भाजपा नेताओं और समर्थकों के लिए है?'

राघवेंद्र चौबे ने सवाल किया कि क्या एयर शो केवल भाजपा के जनप्रतिनिधियों और उनके समर्थकों के लिए है? क्या आम काशीवासियों को भी सम्मानपूर्वक पास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है? उन्होंने कहा कि यदि सेना का आयोजन देश की जनता के लिए है, तो उसमें किसी राजनीतिक दल के जनप्रतिनिधियों के प्रचार और व्यक्तिगत छवि को चमकाने की जरूरत क्यों है?

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव है। सेना का सम्मान दलगत राजनीति से ऊपर है। उनके मुताबिक, सेना के नाम पर अपनी तस्वीरों का प्रचार करना और उसके पराक्रम को राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत करना सेना की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

'सेना के सम्मान और राजनीतिक प्रचार में अंतर'

कांग्रेस नेता ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों से सेना के नाम पर राजनीतिक प्रचार करने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि सेना का सम्मान करना और उसके नाम पर राजनीतिक प्रचार करना दो अलग-अलग बातें हैं।

राघवेंद्र चौबे ने कहा कि काशी की जनता इन गतिविधियों को देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। उन्होंने दोहराया कि देश की रक्षा करने वाले जवानों के प्रति सम्मान सर्वोपरि है और सेना के गौरव का इस्तेमाल राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

वाराणसी। वाराणसी में एयर शो के पास को लेकर सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों पर एयर शो के पास अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में वितरित करने और उन पर अपनी तस्वीरें लगाकर प्रचार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस आयोजन में आम काशीवासियों को भी सम्मानपूर्वक पास उपलब्ध कराने की व्यवस्था है?

सेना के आयोजन को राजनीतिक प्रचार से जोड़ने का आरोप

राघवेंद्र चौबे ने कहा कि भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और वीरता पर प्रत्येक देशवासी को गर्व है। सेना देश की सुरक्षा की मजबूत प्रहरी है और उसके जवानों ने अपने साहस, रणनीतिक क्षमता और वीरता से दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने सेना के जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके योगदान को नमन किया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा के जनप्रतिनिधि एयर शो के पास बनवाकर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में वितरित कर रहे हैं। उन्होंने पास पर अपनी तस्वीरें लगाने और सेना के आयोजन को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने पर भी सवाल उठाए।

'क्या एयर शो सिर्फ भाजपा नेताओं और समर्थकों के लिए है?'

राघवेंद्र चौबे ने सवाल किया कि क्या एयर शो केवल भाजपा के जनप्रतिनिधियों और उनके समर्थकों के लिए है? क्या आम काशीवासियों को भी सम्मानपूर्वक पास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है? उन्होंने कहा कि यदि सेना का आयोजन देश की जनता के लिए है, तो उसमें किसी राजनीतिक दल के जनप्रतिनिधियों के प्रचार और व्यक्तिगत छवि को चमकाने की जरूरत क्यों है?

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव है। सेना का सम्मान दलगत राजनीति से ऊपर है। उनके मुताबिक, सेना के नाम पर अपनी तस्वीरों का प्रचार करना और उसके पराक्रम को राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत करना सेना की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

'सेना के सम्मान और राजनीतिक प्रचार में अंतर'

कांग्रेस नेता ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों से सेना के नाम पर राजनीतिक प्रचार करने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि सेना का सम्मान करना और उसके नाम पर राजनीतिक प्रचार करना दो अलग-अलग बातें हैं।

राघवेंद्र चौबे ने कहा कि काशी की जनता इन गतिविधियों को देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। उन्होंने दोहराया कि देश की रक्षा करने वाले जवानों के प्रति सम्मान सर्वोपरि है और सेना के गौरव का इस्तेमाल राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं किया जाना चाहिए।