Varanasi Air Show: काशी के आसमान में गरजेंगे राफेल और हरक्यूलिस, हवा में दिखेगा रिफ्यूलिंग का डेमो, कई दिग्गज होंगे शामिल
वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी अब भारतीय वायुसेना के अद्भुत हवाई करतबों की गवाह बनने जा रही है। वाराणसी के नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित एयर शो की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस आयोजन में भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई, तेजस और मिराज जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान आसमान में अपनी ताकत और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, 21 अक्टूबर को प्रस्तावित संयुक्त ब्रीफिंग में कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा सार्वजनिक की जाएगी।
आयोजन को लेकर वायुसेना, उत्तर प्रदेश शासन और वाराणसी जिला प्रशासन के बीच जिम्मेदारियां तय की गई हैं। वायुसेना जहां विमानों और हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन की कमान संभालेगी, वहीं जिला प्रशासन सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, नमो घाट पर व्यवस्थाओं और गंगा में नौकाओं के संचालन को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी निभाएगा।
पीएम मोदी और सीएम योगी समेत कई विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना
एयर शो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुखों की मौजूदगी प्रस्तावित बताई गई है। इसके अलावा मित्र देशों के राजदूतों, प्रदेश सरकार के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी आमंत्रित किए जाने की जानकारी है। हालांकि, विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति की अंतिम पुष्टि होना अभी बाकी है।
काशी के आसमान में दिखेगी स्वदेशी विमानों की ताकत
एयर शो का प्रमुख आकर्षण स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस होगा। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित तेजस की गर्जना के साथ ध्रुव और प्रचंड हेलीकॉप्टर भी हवाई प्रदर्शन में शामिल होंगे। इसके अलावा चीता और चेतक जैसे हल्के हेलीकॉप्टर भी उड़ान भरते नजर आएंगे।
वायुसेना के विमान आसपास के विभिन्न एयरबेस से उड़ान भरकर वाराणसी पहुंचेंगे और निर्धारित हवाई क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।
राफेल, सुखोई और अपाचे भी दिखाएंगे दम
स्वदेशी विमानों के साथ भारतीय वायुसेना में शामिल विदेशी मूल के अत्याधुनिक विमान भी एयर शो का हिस्सा बनेंगे। इनमें राफेल, सुखोई, मिग और मिराज जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं।
इसके अलावा अमेरिकी मूल के अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर, चिनूक और एमआई सीरीज के हेलीकॉप्टरों का भी प्रदर्शन प्रस्तावित है। भारी परिवहन विमानों में सी-17 ग्लोबमास्टर और सी-130जे सुपर हरक्यूलिस जैसे विमान आकर्षण का केंद्र होंगे।
आयोजन में किसी अन्य देश की वायुसेना के विमान शामिल नहीं होंगे। हालांकि, भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल विदेशी मूल के विमानों का प्रदर्शन किया जाएगा।
आसमान में ईंधन भरने का भी होगा प्रदर्शन
एयर शो के दौरान विमानों में हवा में ईंधन भरने की प्रक्रिया यानी एरियल रिफ्यूलिंग का सांकेतिक प्रदर्शन भी किया जाएगा।
वायुसेना के अनुसार, वास्तविक रिफ्यूलिंग काफी ऊंचाई पर होती है। ऐसे में दर्शकों को इसकी प्रक्रिया समझाने के लिए विमानों को समान ऊंचाई पर उड़ाकर इसका डेमो प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान वास्तविक ईंधन हस्तांतरण नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा कारणों से कुछ गतिविधियों पर रहेगी रोक
काशी की घनी आबादी और गंगा के तटीय क्षेत्र को देखते हुए एयर शो में कुछ गतिविधियों को शामिल नहीं किया गया है। सुरक्षा कारणों से विमानों द्वारा किसी लक्ष्य पर प्रतीकात्मक हमला करने या किसी वस्तु को नष्ट करने का प्रदर्शन नहीं होगा।
इसी तरह पैराट्रूपर्स के विमान से उतरने का प्रदर्शन भी कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बनेगा।
वायुसेना ने तैयारियां पूरी होने की दी जानकारी
भारतीय वायुसेना के जनसंपर्क अधिकारी देबार्थो धर के अनुसार, वाराणसी में होने वाले एयर शो में वायुसेना के प्रमुख विमान और हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। आयोजन को सफल बनाने के लिए वायुसेना की ओर से आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
काशी में होने वाला यह एयर शो स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए भारतीय वायुसेना की आधुनिक तकनीक, विमानन क्षमता और सैन्य कौशल को करीब से देखने का विशेष अवसर होगा।